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ईपीएफओ ने दी अपने करीब पांच करोड़ धारकों को खुशखबरी, भविष्य निधि जमा पर बढ़ी ब्याज दर

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने 2022-23 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) पर 8.15 प्रतिशत की ब्याज दर तय की

मार्च 2022 में ईपीएफओ ने अपने करीब पांच करोड़ अंशधारकों के लिए  2021-22 के लिए ईपीएफ पर ब्याज दर को घटाकर चार दशक के निचले स्तर 8.1 प्रतिशत कर देने के बाद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ ने मंगलवार को अपनी बैठक में कर्मचारी भविष्य निधि पर  2022-23 के लिए ब्याज दरों में बदलाव करते हुए 8.15 प्रतिशत की ब्याज दर तय की है। 2020-21 में यह 8.5 प्रतिशत था। सीबीटी के निर्णय के बाद ईपीएफ जमा सीबीटी के फैसले के बाद 2022-23 के लिए ईपीएफ जमा पर ब्याज दर को सहमति के लिए वित्त मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। सरकार से अनुमोदन मिलने के बाद वर्ष 2022-23 के लिए ईपीएफओ में जमा राशि पर ब्याज पांच करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं के खातों में जमा कर दिया जाएगा।

EPFO ने लिया ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला 

आपको बता दें कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के शीर्ष निकाय केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) ने मंगलवार को अपनी बैठक में ऐसा करने का फैसला किया है। पिछले साल की बात करें तो मार्च 2020 में 2019-20 के लिए भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर को घटाकर ईपीएफओ ने 8.5 प्रतिशत कर दिया था, जो सात साल के निचले स्तर पर था।

इस तरह निर्धारित होता है ब्याज दर?

अगर बात करें तो कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अपने खाताधारकों को ब्याज कैसे देता है तो बता दें कि ये प्रोविडेंट फंड खातों में जमा होने वाले पैसों का कई जगह पर निवेश कर होने वाली कमाई का एक हिस्सा वह ब्याज के रूप में उपभोक्ता को देता है। ईपीएफओ अपने कुल निवेश का 85% हिस्सा डेट ऑप्शंस में निवेश करता है। वही बचे हुए 15% हिस्से को इक्विटी शेयरों में निवेश किया जाता है। इन्हीं निवेश पर हुई कमाई के आधार पर PF का ब्याज निर्धारित किया जाता है।

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