सत्ताधारी पार्टी के जिला मंत्री पर हुआ था जानलेवा हमला अपहरण का प्रयास

,👉गाड़ी बरामद, आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर..
👉आरोपियों को बचाने का आरोप,
👉फोटो को लेकर हुआ था विवाद
कानपुर। योगेन्द्र बिहार नौबस्ता निवासी विवेक तिवारी बुधवार को कानपुर प्रेस क्लब में एक वार्ता के दौरान बताया कि उनके भाई हर्षित तिवारी जिला मंत्री भाजपा युवा मोर्चा और उनके मित्र करुणेश सिंह 30 नवंबर को किदवई नगर स्थित विश्वास गार्डन में एक शादी समारोहों में शामिल होने गये थे। उसे शादी समारोहों में नौबस्ता का रहने वाला प्रतीक यादव अपने दो दर्जन से अधिक साथियों के साथ आया था। शादी समारोहों में फोटो खींचने को लेकर प्रतीक यादव और हर्षित तिवारी में कुछ विवाद हुआ जिसके बात खत्म हो गई। विवेक तिवारी ने बताया कि अचानक प्रतीक यादव ने अपने साथियों के साथ हर्षित तिवारी और करुणेश सिंह पर गली गलौज करते हुए हमला कर दिया और दोनों को बेरहमी से खींच कर अपनी बोलीरों गाड़ी में डाल कर चले गये। इस घटना की जानकारी जब हर्षित के भाई विवेक को हुई तो उन्होंने तुरन्त पुलिस को लेकर प्रतीक के होटल और अन्य जगह पर ढूंढना शुरू किया। पुलिस की सरगर्मी के चलते प्रतीक ने हर्षित और करुणेश को एक पेट्रोल पंप पर उतार कर रफूचक्कर हो गये। विवेक ने बताया गाड़ी में प्रतीक और उसके साथियों ने हर्षित और करुणेश को बड़ी बेरहमी के साथ मारा और जान से मारने की बात कहकर चले गये। विवेक ने बताया कि पुलिस ने दूसरे दिन घटना में प्रयुक्त गाड़ी को बरामद कर लिया। विवेक ने बताया कि प्रतीक का कई थानों में अपराधिक इतिहास है और अब वो हम लोगों को जान से मारने की लगातार धमकी दे रहे है वहीं पुलिस और कई आला अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी आरोपियों के गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। वहीं विवेक ने बताया उन्हें और उनके परिवार को जान का डर लगातार बना रहता है। वही किदवई नगर थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तारी की कोई धारा नहीं है।चार्जशीट लगा दी गई है।आगे न्यायालय से कार्यवाही का विषय है। जबकि धारा – 191/2 , 127/2 , 115/2 , (140/1)इस धारा में 10 साल की कठोर कारावास एवं दंड का प्रावधान है।

