कानपुर : शहरी आवास योजना में फर्जीवाड़े का आरोप, जांच की मांग तेज
बिग ब्रेकिंग न्यूज़ कानपुर: शहरी आवास योजना में फर्जीवाड़े का आरोप, जांच की मांग तेज
कानपुर। गरीबों के लिए संचालित शहरी आवास योजना में बड़े स्तर पर अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के आरोप सामने आने से प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। मामला नगरीय आवासीय डूडा योजना से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आवासों का अवैध आवंटन किए जाने की चर्चा है।
फर्जी हस्ताक्षर और मुहर के आरोप
सूत्रों के अनुसार, जिलाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर लगाकर आवंटन पत्र जारी किए जाने का आरोप है। इतना ही नहीं, इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बिजली कनेक्शन तक स्वीकृत होने की बात सामने आ रही है, जिससे विभागीय भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
गरीबों के हक पर डाका?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गरीबों के लिए बने मकान प्रभावशाली लोगों तक पहुंचाए गए, जबकि वास्तविक पात्र लाभार्थी अब भी आवास के लिए भटक रहे हैं। कुछ स्थानों पर कब्जाधारियों द्वारा मकानों से किराया वसूले जाने की भी चर्चा है।
शिकायत के बाद हलचल
बताया जा रहा है कि मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद संबंधित फाइलों की दोबारा जांच शुरू की गई है। जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
जनता के सवाल
लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो बिना अधिकारियों की जानकारी के फर्जी हस्ताक्षर, मुहर और बिजली कनेक्शन जैसी प्रक्रियाएं कैसे पूरी हो गईं। इस पूरे मामले में पारदर्शी जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
बड़ा घोटाला साबित हो सकता है मामला
यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह कानपुर के बड़े आवासीय घोटालों में शामिल हो सकता है। फिलहाल प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

