कानपुर में बड़ा प्रशासनिक एक्शन: केडीए ने ‘हार्मोनी अपार्टमेंट’ को किया सील, एचबीटीयू और यूपीएमआरसी जांचेंगे मजबूती, 13 परिवार हुए बेघर
बिंदास बोल न्यूज विशेष संवाददाता | कानपुर
कानपुर। काकादेव के नवीननगर एम ब्लॉक स्थित चार मंजिला ‘हार्मोनी डीलक्स अपार्टमेंट’ पर कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे पूरी तरह से सील कर दिया है। मानसून की पहली बारिश के दौरान अपार्टमेंट के बेसमेंट की फर्श अचानक धंसने और पूरी बिल्डिंग के एक तरफ झुक जाने के कारण यह कदम उठाया गया है। हादसे के बाद बिल्डिंग के जमींदोज होने की आशंका को देखते हुए केडीए ने यह सख्त रुख अपनाया है। अब हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (HBTU) और यूपीएमआरसी (UPMRC) की तकनीकी टीमें इस बात की जांच करेंगी कि यह बहुमंजिला इमारत इंसानों के रहने लायक सुरक्षित बची भी है या नहीं।
अवैध निर्माण के मिले साक्ष्य, बिल्डर को कारण बताओ नोटिस जारी
केडीए के मुताबिक, अपार्टमेंट में अवैध तरीके से निर्माण और खोदाई किए जाने के प्रथम दृष्टया पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। केडीए सचिव अभय कुमार पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि बिल्डर अशोक मेहरा और भरत भाटिया को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है।
नोटिस में स्पष्ट उल्लेख है कि परिसर में अवैध रूप से निर्माण कार्य किया जा रहा था। इससे पहले भी 24 सितंबर 2025 को निर्माण कार्य रोकने के लिए नोटिस दिया गया था, लेकिन बिल्डरों द्वारा चोरी-छिपे रात के अंधेरे में निर्माण कार्य जारी रखा गया। फिलहाल, अपार्टमेंट को सील कर काकादेव पुलिस की सख्त निगरानी में सुपुर्द कर दिया गया है।
हादसे और कार्रवाई की मुख्य बातें:
- घटनास्थल: नवीननगर एम ब्लॉक, काकादेव, कानपुर।
- दोषी बिल्डर: अशोक मेहरा और भरत भाटिया (जारी हुआ कारण बताओ नोटिस)।
- प्रभावित लोग: 13 फ्लैट्स के परिवार बेघर, दृष्टिहीन बच्चों की कक्षाएं बंद।
- जांच दल: केडीए, एचबीटीयू (HBTU) और यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC)।
13 परिवार हुए बेघर, दृष्टिहीन बच्चों की पढ़ाई भी ठप
बिल्डिंग के झुकने और सीलिंग की इस कार्रवाई के चलते अपार्टमेंट के 13 फ्लैटों में रहने वाले लोग पूरी तरह से बेघर हो गए हैं। जब तक सुरक्षा को लेकर अंतिम तकनीकी रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती, तब तक इन फ्लैटों में किसी को भी आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। मजबूरन फ्लैट मालिकों को अपने दोस्तों, करीबियों और रिश्तेदारों के यहां शरण लेनी पड़ी है।
इसके अतिरिक्त, इसी परिसर के पास दृष्टिहीन (ब्लाइंड) बच्चों की पाठशाला भी संचालित होती थी। सुरक्षा कारणों से अपार्टमेंट खाली कराए जाने की वजह से पिछले दो दिनों से इन मासूम बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है।
सोमवार को एचबीटीयू की टीम कर सकती है साइट विजिट
केडीए द्वारा बिल्डिंग की मजबूती और बेसमेंट की स्थिति का आकलन करने के लिए एचबीटीयू को आधिकारिक पत्र लिखा गया है। चूंकि रविवार को अवकाश रहता है, इसलिए माना जा रहा है कि सोमवार को एचबीटीयू की उच्च स्तरीय तकनीकी टीम काकादेव स्थित मौके पर जाकर जांच शुरू कर सकती है। तीनों विभागों (KDA, HBTU, UPMRC) की संयुक्त जांच रिपोर्ट के निष्कर्ष के बाद ही यह अंतिम फैसला लिया जाएगा कि इस इमारत को ध्वस्त किया जाएगा या इसमें दोबारा लोग रह सकेंगे।

