उन्नाव में हंगामा: कारखाने में करंट लगने से श्रमिक की मौत, परिजनों ने शव रखकर काटा बवाल; विधायक और पुलिस की मौजूदगी में ₹2.20 लाख पर बनी सहमति
उन्नाव। शहर के कृष्णा नगर मोहल्ले में स्थित एक दोना-पत्तल कारखाने में करंट लगने से एक युवा श्रमिक की दर्दनाक मौत हो गई. घटना से आक्रोशित मृतक के परिजनों ने रविवार को कारखाने के बाहर शव रखकर मुआवजे की मांग को लेकर जमकर हंगामा काटा. मौके पर पहुंचे सदर विधायक और पुलिस प्रशासन के कड़े हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों में सवा दो लाख रुपये के मुआवजे पर सहमति बन सकी, जिसके बाद परिजनों ने शांत होकर शव का अंतिम संस्कार किया.
जबरन मशीन का तार जुड़वाने का आरोप, तहरीर दी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गिरजाबाग निवासी सत्यम उर्फ सूरज (उम्र 24 वर्ष) कृष्णा नगर स्थित दोना-पत्तल कारखाने में काम करता था. शनिवार दोपहर काम के दौरान वह अचानक बिजली के करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई.
मृतक के पिता देवेंद्र कुमार ने कारखाना संचालक पुरानी बाजार निवासी ज्ञानेंद्र दीक्षित व कृष्णानगर निवासी धर्मेंद्र सोनी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि संचालकों ने उनके बेटे पर जबरन मशीन का चालू तार जोड़ने का दबाव बनाया था, जिसके कारण यह हादसा हुआ.
समझौते और मुआवजे की मुख्य बातें:
- मृतक श्रमिक: सत्यम उर्फ सूरज (24 वर्ष), निवासी- गिरजाबाग.
- तात्कालिक मुआवजा: ₹2,00,000 कारखाना संचालकों द्वारा देय.
- अंतिम संस्कार सहायता: ₹20,000 नकद.
- सरकारी मदद: विधायक पंकज गुप्ता ने ‘किसान दुर्घटना बीमा’ से भी आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा दिया.
पोस्टमार्टम के बाद कारखाने पर शव रखकर अड़े परिजन
रविवार को जब पोस्टमार्टम के बाद सत्यम का शव घर पहुंचा, तो भावुक और आक्रोशित परिजन शव को लेकर सीधे कृष्णा नगर स्थित कारखाने पर पहुंच गए और गेट के सामने शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. हंगामे की सूचना मिलते ही सदर कोतवाल चंद्रकांत मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजन उचित मुआवजे और कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे.
विधायक पंकज गुप्ता और कोतवाल की मध्यस्थता से सुलझा मामला
मामले को बढ़ता देख सदर विधायक पंकज गुप्ता भी तुरंत मौके पर पहुंचे. विधायक और कोतवाल की मौजूदगी में कारखाना संचालकों और पीड़ित परिवार के बीच बंद कमरे में वार्ता हुई. आपसी बातचीत के बाद तय हुआ कि पीड़ित परिवार को दो लाख रुपये की आर्थिक मदद और 20 हजार रुपये अंतिम संस्कार के लिए तुरंत दिए जाएंगे.
इस लिखित सहमति के बाद परिजनों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने शव को हटाकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की. कोतवाल चंद्रकांत मिश्रा ने बताया कि जनप्रतिनिधि और पुलिस की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया है और फिलहाल कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है.

