रीजेंसी हेल्थ कानपुर ने विश्व कैंसर दिवस 2026 पर सर्वाइवर-नेतृत्व, कैंसर के बाद की ज़िंदगी

रीजेंसी हेल्थ कानपुर ने विश्व कैंसर दिवस 2026 पर सर्वाइवर-नेतृत्व वाली सामुदायिक पहल ‘स्ट्रॉनार दैन कैंसर का किया आयोजन , कैंसर के बाद की ज़िंदगी पर रोशनी डाली गई।
कानपुर। सर्वाइवर के नेतृत्व वाली सामुदायिक पहल यूनाइटेड बाय युनिक थीम के साथ जुड़ी हुई हैं। यह पहल हिम्मत, रिकवरी और कैंसर के इलाज के बाद जीवन के महत्व पर जोर देती है। विश्व कैंसर दिवस और कैंसर जागरुकता माह के अवसर पर वैश्विक थीम “यूनाइटेड बाय युनिक के साथ रीजेंसी हेल्थ ने कानपुर में स्ट्रॉचार दैन कैंसर’ नाम का एक सर्वाइवर के नेतृत्व वाला सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्घाटन रीजेंसी हेल्प के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. अतुल कपूर और रीजेंसी हेल्थ की ऑन्कोलॉजी टीम ने किया। हॉस्पिटल की ऑन्कोलॉजी टीम में डॉ. अभिमन्यु कपूर डायरेक्टर , डॉ प्रियंका वर्मा, डॉ. विकास तलरेजा, डॉ. आशीष राज कुलश्रेष्ठ, , डॉ. जितिन यादव, डॉ. अभिषेक तिवारी, शामिल थे। यह कार्यक्रम कैंसर के इलाज के बाद हिम्मत, रिकवरी और नए जीवन का जश्न मनाता है। इस गैर लाभकारी कार्यक्रम में कैंसर सर्वाइवर, देखभाल करने वाले, ऑन्कोलॉजी मरीज,हेल्थकेयर प्रोफेशनल, सपोर्ट ग्रुप, मीडिया और स्थानीय ओपिनियन लीडर एक साथ आए ताकि चिकित्सा देखभाल के अलावा सर्वाइवरशिप और उनके अनुभवों को समझा जा सके।इस तरह की पहल से रीजेंसी हेल्थ कानपुर की ‘भरोसे का स्पेशलिस्ट’ के तौर पर पहचान और सुदृढ़ होती है। भारत में कैंसर के मामले 2040 तक 2.08 मिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, क्योंकि कैंसर के मामले हर साल तेज़ी से बढ़ रहे हैं। इसीलिए इलाज के बाद की जिंदगी पर ध्यान देना और भी ज़रूरी हो गया है। बीमारी से रिकवरी की और सोच बदलकर, स्ट्रॉगर दैन कैंसर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सर्वाइवरशिप सिर्फ़ सफल इलाज से ही तय नहीं होती. बल्कि कैसर के बाद आत्मविश्वास, मकसद और ज़िंदगी की गुणवत्ता को दोबारा बनाने की क्षमता से भी तय होती है। इस मौके पर रीजेंसी हेल्थ के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ अतुल कपूर ने कहा कि कैंसर देखभाल को मात्र एक बार के इलाज़ के तौर पर नहीं बल्कि एक यात्रा के तौर पर देखा जाना चाहिए। इलाज़ से हो सकता है कि बीमारी ठीक हो जाए लेकिन सर्वाइवरशिप से मरीजों को जिंदगी में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने मदद मिलती है। ‘स्ट्रॉनार टैन कैंसर’ जैसी पहल यह दिखाती हैं कि मरीजों को सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि इलाज के बाद में नियमित चेकअप, भावनात्मक सहारा और लगातार संपर्क की भी जरूरत होती है। इससे कैंसर से ठीक हो चुके लोग दोबारा आत्मविश्वास के साथ अपनी जिंदगी को आगे बढ़ा पाते हैं।” रीजेंसी हेल्थ के कैंसर स्पेशलिस्टस पूरे कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहे। डॉक्टरों और सर्वाइवर्स के बीच भी अनौपचारिक बातचीत हुई ताकि चिकित्सा इलाज से अलावा समग्र कैंसर देखभाल को बढ़ावा दिया जा सके।’स्ट्रॉन्गर दैन कैंसर’ कार्यक्रम रीजेंसी हेल्प की मरीज़ों पर ध्यान और सहानुभूति वाली ऑन्कोलॉजी देखभाल प्रदान करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मज़बूत करता है। मरीज़ों के इलाज के बाद भी उनके साथ खड़े रहकर यह पहल सर्वाइवर की भागीदारी को बढ़ाती है, लोगों के बीच अच्छा भरोसा बनाती है, और इस विश्वास को सुदृद्ध करती है कि बीमारी से ठीक होना एक नई और उम्मीद भरी ज़िंदगी की बस शुरुआत होती है इस सफल आयोजन से कैंसर पीड़ित मरीजों के परिवारों को आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरपूर उत्साह वर्धन करने में सफल रहे।


