स्कूल बना खतरे का अड्डा, बच्चों की जान पर खेल-अभिभावक दूसरे दिन भी भूख हड़ताल पर
स्कूल बना खतरे का अड्डा, बच्चों की जान पर खेल — अभिभावक दूसरे दिन भी भूख हड़ताल पर
कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड 51 नई बस्ती स्थित कम्पोजिट प्राथमिक विद्यालय की हालत बद से बदतर हो चुकी है। स्कूल परिसर में फैली गंदगी, जर्जर भवन और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव ने बच्चों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। हालात इतने गंभीर हैं कि अब अभिभावकों को सड़कों पर उतरकर भूख हड़ताल करने को मजबूर होना पड़ा है।
सोमवार से शुरू हुई यह भूख हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर अभिभावकों की सुध लेने तक नहीं आया। प्रशासन की इस बेरुखी ने लोगों के गुस्से को और भड़का दिया है।
अभिभावकों की साफ मांग है कि विद्यालय की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए, अराजक तत्वों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और जर्जर भवन की मरम्मत कर बच्चों की सुरक्षा की गारंटी दी जाए। लेकिन इन जायज मांगों पर भी प्रशासन मौन साधे बैठा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार जहां एक ओर “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा देती है, वहीं जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। स्कूलों की दुर्दशा यह बताने के लिए काफी है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है।
भूख हड़ताल पर बैठे अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा — चाहे इसके लिए उन्हें अपनी जान ही क्यों न देनी पड़े।
पूरा मामला बर्रा थाना क्षेत्र के यादव मार्केट चौकी अंतर्गत नई बस्ती बर्रा-2 स्थित कम्पोजिट विद्यालय (प्राइमरी स्कूल) का है, जहां अब बच्चों का भविष्य और जान दोनों दांव पर लगे हैं।
रिपोर्ट: राजू गौड़, बिंदास बोल कानपुर


