डुप्लीकेट डॉक्टर गिरफ्तार, 28 सालों का ढोंग, 10 करोड़ का झोल!
क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे फर्जी डॉक्टर की गिरफ़्तारी की, जो 28 वर्षों से डॉक्टर होने का ढोंग कर रहा था।
मुंबई। जी. ए.वी. के जीपीएसए के कमरा नंबर 01 में प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर यह पता चला कि लगभग 50 वर्ष की आयु का एक संदिग्ध व्यक्ति, खुद को डॉक्टर बताकर, फर्जी पहचान पत्र तैयार करके, विभिन्न बैंकों में बैंक खाते खोलकर और अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर पिछले तीन वर्षों से उन बैंक खातों के माध्यम से सीएसआर फंड से कुछ धनराशि का गबन कर रहा था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के फ्लैट से महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के व्यक्तियों और कंपनियों के नाम, परियोजना रिपोर्ट आदि बरामद हुए हैं, और प्रारंभिक जांच से पता चला है कि अपराध का दायरा एक से अधिक राज्यों में फैला हुआ है।
यह भी पता चला है कि पिछले तीन वर्षों में लगभग दस करोड़ रुपये का गबन किया गया है।संदिग्ध के पास से “डॉ. धर्मेंद्र कुमार” लिखा हुआ पहचान पत्र, पैन कार्ड, विजिटिंग कार्ड, विभिन्न संस्थानों द्वारा जारी प्रमाण पत्र, चिकित्सा सामग्री आदि बरामद हुई हैं।
उक्त संदिग्ध के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 318 (4), 336 (1), 336 (2), 336 (2), 338, 340 (2), 341 (3), 341 (4), 3(5) के साथ-साथ चिकित्सा व्यवसाय अधिनियम की धारा 33 और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम की धारा 34 और 54 के तहत 12/07/2026 को मामला दर्ज किया गया है।
माननीय न्यायालय ने उसे 16/07/2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
बिंदास बोल संवाददाता मुंबई ।
सतीशकुमार मंडोरा

