पानी में डूबी सड़क पर पलटा बच्चों से भरा ई-रिक्शा
पानी में डूबी सड़क पर पलटा बच्चों से भरा ई-रिक्शा, स्कूल गेट पर मिला छुट्टी का नोटिस; अभिभावकों में आक्रोश
किदवई नगर में नगर निगम और स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली पर उठे सवाल, कई बच्चे घायल
कानपुर। शहर में हुई बारिश ने एक बार फिर नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी। किदवई नगर स्थित यूपी किराना सेवा समिति स्कूल के सामने जलभराव और जर्जर सड़क के कारण बच्चों से भरा एक ई-रिक्शा पलट गया। हादसे में कई बच्चे घायल हो गए, जबकि एक बच्ची पानी से भरे गड्ढे में गिरकर चोटिल हो गई। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूल के सामने की सड़क लंबे समय से खुदी हुई है। बुधवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद सड़क पर पानी भर गया, जिससे गड्ढे पूरी तरह छिप गए। इसी दौरान बच्चों को लेकर जा रहा ई-रिक्शा गहरे गड्ढे में फंसकर पलट गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
स्कूल पहुंचे तो गेट पर मिला अवकाश का नोटिस
हादसे के बाद कई अभिभावक भीगते हुए बच्चों को लेकर स्कूल पहुंचे, लेकिन मुख्य गेट पर अवकाश का नोटिस लगा मिला। इससे अभिभावकों में नाराजगी फैल गई। उनका आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने समय रहते अवकाश की सूचना अभिभावकों तक नहीं पहुंचाई। यदि पहले जानकारी दी जाती तो बच्चे इस जोखिम भरे रास्ते से स्कूल आने के लिए मजबूर नहीं होते।
नगर निगम की लापरवाही पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल के सामने की सड़क लंबे समय से जर्जर है और बारिश के दौरान हर वर्ष जलभराव की समस्या बनी रहती है। इसके बावजूद नगर निगम द्वारा सड़क और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि यह हादसा प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है।
डीएम से शिकायत की तैयारी
घटना के बाद आक्रोशित अभिभावकों ने पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करने की बात कही है। उनका कहना है कि नगर निगम और स्कूल प्रशासन की लापरवाही के कारण बच्चों की जान खतरे में पड़ी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
“बारिश ने शहर की बदहाल व्यवस्था की पोल खोल दी है। बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।”
बिंदास बोल के सवाल
- स्कूल के सामने की जर्जर सड़क की जिम्मेदारी किसकी?
- बारिश से पहले सड़क और जलनिकासी व्यवस्था क्यों नहीं सुधारी गई?
- यदि अवकाश घोषित था, तो अभिभावकों को समय रहते सूचना क्यों नहीं दी गई?
- क्या इस घटना के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी?
रिपोर्ट : राजू गौड़
स्थान : कानपुर
सौजन्य : बिंदास बोल

