जयपुर में पैरामेडिकल परीक्षा का पेपर लीक और नकल का खेल बेनकाब: 45 छात्रों को कमरे में बैठाकर कराने वाले थे पास, परीक्षा रद्द
बिंदास बोल न्यूज विशेष संवाददाता | जयपुर
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर से परीक्षा प्रणाली में सेंधमारी का एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ पैरामेडिकल परीक्षा के नाम पर 45 छात्रों को एक गुप्त कमरे में बैठाकर सामूहिक रूप से नकल कराने की पूरी बिसात बिछाई जा चुकी थी। इस काले खेल के लिए लाखों रुपये का सौदा भी तय हो चुका था, लेकिन खोरा बीसल थाना पुलिस ने ऐन वक्त पर मुस्तैदी दिखाते हुए इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस की इस तत्परता ने एक बड़े खेल को नाकाम कर दिया, अन्यथा भविष्य में यही छात्र अस्पतालों में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे होते।
5.50 लाख रुपये में तय हुआ था पास कराने का सौदा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस परीक्षा में पास कराने के नाम पर प्रति छात्र करीब 5.50 लाख रुपये का मोटा सौदा तय किया गया था। इस गिरोह ने परीक्षा केंद्र के भीतर ही एक अलग कमरे में 45 अभ्यर्थियों को एक साथ बैठाया था, जिन्हें सीधे तौर पर नकल सामग्री या हल प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए जाने की तैयारी थी। जैसे ही पुलिस को मुखबिर के जरिए इस धांधली की भनक लगी, पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी कर दी।
मामले की मुख्य बातें:
- कार्रवाई: खोरा बीसल थाना पुलिस, जयपुर द्वारा त्वरित छापेमारी।
- सौदा: लगभग 5.50 लाख रुपये में पास कराने की थी डील।
- असर: परीक्षा केंद्र पर भारी हंगामा और तोड़फोड़ के बाद परीक्षा पूरी तरह रद्द।
केंद्र पर भड़का छात्रों का गुस्सा, जमकर हुई तोड़फोड़
जैसे ही इस बड़े नकल गिरोह और धांधली की बात परीक्षा केंद्र पर मौजूद अन्य ईमानदार छात्रों को पता चली, वहां जबरदस्त हंगामा भड़क गया। आक्रोशित छात्रों ने परीक्षा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और सेंटर पर तोड़फोड़ शुरू हो गई। स्थिति को बिगड़ता देख और परीक्षा की गोपनीयता पूरी तरह भंग होने के कारण आखिरकार प्रशासन को उक्त परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फैसला करना पड़ा।
पुलिस जांच में जुटी, मास्टरमाइंड की तलाश तेज
खोरा बीसल थाना पुलिस ने मौके से मिले साक्ष्यों और संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि इस संगठित नकल गिरोह के तार परीक्षा कराने वाली एजेंसी या केंद्र के किन-किन अधिकारियों से जुड़े हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह का फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

