भूमि विवाद ने लिया हिंसक रूप

उन्नाव। जनपद के पुरवा तहसील अंतर्गत ग्राम मुरैता प्राचीन में पैतृक भूमि विवाद को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित राजमोहन मिश्रा पुत्र स्वर्गीय रामभजन ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन पर जबरन धान की फसल काट ली गई और विरोध करने पर जान से मारने की नीयत से उन पर फायरिंग की गई। हालांकि, मौके पर मौजूद भतीजी की सूझबूझ से गोली लक्ष्य से चूक गई और उनकी जान बच गई।पीड़ित के अनुसार, पैतृक भूमि उन्हें माता से प्राप्त हुई थी, जिसका बंटवारा पिता के जीवनकाल में भाइयों के साथ हो चुका था। वह अपने हिस्से की जमीन पर खेती करते थे और चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण उन्होंने अपनी जमीन बटाई पर किरण गौतम पत्नी राकेश कुमार निवासी हुलासी खेड़ा को दे रखी थी, जिसने धान की फसल बोई थी।आरोप है कि 11 नवंबर 2025 की रात गांव के ही शिवशांत मिश्रा, श्याम मनोहर, रामलखन मिश्रा सहित तीन अज्ञात लोगों ने चोरी-छिपे धान की फसल काट ली। उस समय पीड़ित अपने छोटे भाई के पास हैदराबाद में थे। बटाईदार से सूचना मिलने पर उन्होंने डाक के माध्यम से थाना पुरवा को प्रार्थना पत्र भेजा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद आरोपितों ने खेत जोतवा दिया।पीड़ित का कहना है कि जब वह हैदराबाद से लौटे और फसल काटने व खेत जोतने का विरोध किया, तो शिवशांत मिश्रा ने कट्टा निकालकर उनकी कनपटी पर रखकर फायर कर दिया। मौके पर मौजूद भतीजी प्रतिमा की वजह से गोली लक्ष्य से चूक गई। जाते-जाते आरोपितों ने दोबारा खेत में आने या शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी।राजमोहन मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले शिवशांत मिश्रा ने फर्जी हस्ताक्षर कर दीवानी मुकदमा दायर किया था, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। साथ ही, पीड़ित के एक्सीडेंट के दौरान संबंधित वाहन मालिक से 37 हजार रुपये लेकर हड़पने और इलाज न कराने का भी आरोप लगाया गया है।पीड़ित का कहना है कि उन्होंने कई बार थाना पुरवा में प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब स्वस्थ होने पर वह स्वयं थाना प्रभारी और उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। मामले से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें पीड़ित अपनी आपबीती बयान करता दिख रहा है।वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ख़बर पीड़ित के बयानों पर आधारित

