कुछ लोगों ने मां-बेटे को कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से घेरा

कानपुर। थाना नवाबगंज क्षेत्र अंतर्गत भवानी गैस गोदाम के पास पुरानी रंजिश के चलते एक बार फिर विवाद का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार मोहल्ले के ही कुछ लोगों ने मां-बेटे को कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से घेर लिया। शोर-शराबा और भीड़ इकट्ठा होते देख आरोपी गाली-गलौज करते हुए मौके से फरार हो गए।घटना के बाद पीड़ित परिवार ने थाना नवाबगंज पहुंचकर प्रार्थना पत्र देते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी कई बार उनके साथ मारपीट और धमकी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन उचित कार्रवाई नहीं हुई।मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब नवाबगंज क्षेत्र की घटना में चौकी सिंहपुर के दरोगा के हस्तक्षेप की बात सामने आई। आरोप है कि संबंधित दरोगा जी ने पीड़ित के घर पहुंचकर दबिश दी और उल्टा पीड़ित को ही जेल भेजने की धमकी दी। पीड़ित पक्ष का कहना है कि दरोगा की अचानक एंट्री और बातचीत की पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।अब सवाल यह उठता है कि जिस थाना क्षेत्र में घटना हुई, वहां की पुलिस को समय पर सूचना क्यों नहीं मिली? और आखिर किस आधार पर दूसरे क्षेत्र की चौकी के दरोगा ने हस्तक्षेप किया?स्थानीय लोगों में भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो उन्हें उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।अब देखना यह होगा कि पीड़ित मां-बेटे को न्याय मिलता है या फिर मामला जांच और विभागीय दांव-पेंच में उलझकर रह जाता है। पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
*बिंदास बोल कानपुर से राजू गौड़ की रिपोर्ट*


