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गर्भवती पत्नी का बाहर प्रेम संबंध! पति ने मर्डर कर चादर में लपेटकर फेंक दिया पुल के नीचे।पुलिस ने किया पति को गिरफ्तार।

पुणे, घटना है पुणे के भीगवण गांव की जहां पर भिगवण से बारामती जाने वाले मार्ग पर मदनवाड़ी गांव की सीमा के भीतर देवकटेवस्ती में नाले के पुल के नीचे कंबल में कुछ बंधा होने की सूचना मिलने पर पुलिस को जांच में महिला का शव  काले कंबल में बंधा हुआ मिला। शव सड़ी हुई अवस्था में था, खोपड़ी फूटी हुई थी, हाथ पर रविराज लिखा हुआ टैटू बना था,  नानासाहेब हनुमंत वनवे, पेशेवर पुलिस प निवासी मदनवाड़ी, तालुका इंदापुर, पुणे ने घटना के संबंध में शिकायत दर्ज कराई है।
अपराध की गंभीरता को देखते हुए, माननीय पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल, पुणे ग्रामीण ने घटनास्थल का दौरा किया। स्थानीय अपराध शाखा और भिगवण पुलिस स्टेशन के अधिकारियों तीन टीमें बनाई । शव सड़ी-गली अवस्था के कारण शव लगभग सात से आठ दिन पुरानी लग रही थी,इसलिए जांच टीमों ने शव के हाथ पर बना रविराज टैटू का फोटो लेकर टीम ने शव की पहचान करने के लिए गोपनीय मुखबिरों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र के नागरिकों, बारामती विभाग के पुलिस स्टेशन के अधिकारियों और कर्मचारियों को तस्वीरें भेज रही थी।
पुलिस को गोपनीय जानकारी मिली कि टैटू वाला शव दीपाली सुदर्शन जाधव, निवासी,बारामती जिला पुणे का है और महिला के पति, सुदर्शन उर्फ रविराज रणनीत जाधव, उम्र 36, निवासी कटफल, तालुका बारामती, जिला पुणे ने अपनी पत्नी दीपाली सुदर्शन जाधव के लापता होने के संबंध में बारामती तालुका पुलिस स्टेशन में 14/10/2025 को शिकायत दर्ज कराई थी सुदर्शन जाधव ने शव के हाथ पर टैटू को पहचानकर पत्नी की पहचान की।
जांच दल को सुदर्शन जाधव पर की गई जांच में विसंगतियां मिलीं, जिसके कारण उस पर संदेह बढ़ गया और जब उसे विश्वास में लेकर पूछताछ की गई, तो उसने कहा विवाह के उपरांत भी दीपाली का बाहर प्रेम संबंध था , वह गर्भवती थी, इसलिए सुदर्शन जाधव और दीपाली जाधव का उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को लेकर 12/10/2025 को सुबह 09:00 बजे उनके निवास पर झगड़ा हुआ। सुदर्शन जाधव ने गुस्से में आकर विवाहेतर संबंध के संदेह में अपनी पत्नी दीपाली के सिर पर लोहे की छड़ से वार किया उसकी हत्या की और सबूत मिटाने के लिए उसने उसके शरीर को कंबल में लपेटा और अपनी स्कूटर से नाले के पुल के नीचे फेंक दिया। आरोपी सुदर्शन को पुलिस हिरासत रिमांड के लिए माननीय न्यायालय में पेश किया गया, और 31/10/2025 तक पुलिस हिरासत मंजूर की गई है।
उक्त कार्य अपराध शाखा पुलिस निरीक्षक अविनाश शिलिमकर, भिगवण डाकघर, उप-विभागीय पुलिस अधिकारी विनोद महांगड़े, और थाना पुलिस टीम कर रही है.

सतीशकुमार मंडोरा बिंदास बोल संवाददाता।



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