वर्टिकल व्यवस्था पर सबकी नजरें, नई एमडी नेहा जैन के सामने बड़ी चुनौती

कानपुर। केस्को में लागू की गई वर्टिकल व्यवस्था को करीब 17 महीने पूरे हो चुके हैं। इस दौरान पूर्व प्रबंधन के नेतृत्व में इस नई प्रणाली को व्यवस्थित रूप से संचालित करने का प्रयास किया गया। हालांकि, इस व्यवस्था को लेकर विभागीय स्तर पर और उपभोक्ताओं के बीच मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं।अब केस्को की नई प्रबंध निदेशक (एमडी) के रूप में नेहा जैन के कार्यभार संभालने के बाद एक बार फिर इस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सभी की निगाहें टिक गई हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह इस सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाती हैं या इसमें कोई संरचनात्मक बदलाव करती हैं।वर्टिकल व्यवस्था को लागू करने का मुख्य उद्देश्य कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही सुनिश्चित करना और मॉनिटरिंग को मजबूत बनाना था। शुरुआती चरण में इस प्रणाली को लागू करने में कई प्रकार की चुनौतियां सामने आईं, लेकिन समय के साथ इसमें सुधार भी देखा गया और व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर आती नजर आई।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नई एमडी इस व्यवस्था को और सुदृढ़ करेंगी या फिर इसमें बदलाव की दिशा में कदम उठाए जाएं। आने वाले समय में केस्को की कार्यशैली और उपभोक्ता सेवाओं पर इसका सीधा प्रभाव देखने को मिल सकता है।
बिंदास बोल कानपुर से राजू गौड़ की रिपोर्ट


