एनआरआई सिटी कांड : मृतक प्रखर के पिता, दादा-दादी समेत चार पर हत्या की धारा में एफआईआर दर्ज
एनआरआई सिटी कांड : मृतक प्रखर के पिता, दादा-दादी समेत चार पर हत्या की धारा में एफआईआर दर्ज
- दिसंबर में नाबालिग की संदिग्ध मौत के मामले में मां की गुहार के बावजूद पुलिस ने दर्ज नहीं की थी रिपोर्ट
- घटना के महीनों बाद कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर, नामजद आरोपी घर बंदकर गायब!
कानपुर। बीते साल एनआरआई सिटी में 9वें माले से गिरकर जान गंवाने वाले 13 वर्षीय किशोर, प्रखर त्रिवेदी के हाई प्रोफाइल मामले में नया मोड़ आ गया है। नवाबगंज पुलिस ने मृतक के पिता सुधांशु त्रिवेदी उर्फ लव, दादा राजकिशोर त्रिवेदी, दादी सुमनलता और उसके ताऊ सौरभ त्रिवेदी उर्फ हनी समेत चार लोगों पर हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज करके गहन जांच शुरू कर दी है। एफआईआर के बाद शनिवार शाम जांच के लिए प्रखर के घर, एनआरआई सिटी के टोपाज टावर – 3 स्थित अपार्टमेंट पहुंचे इंस्पेक्टर नवाबगंज और टीम को दरवाजे पर ताला पड़ा मिला। बोस्की त्रिपाठी के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता अयाज अहमद खान के अनुसार बाद में रविवार को मृतक किशोर की मां बोस्की त्रिपाठी को जांच के लिए वहां लेकर पहुंची पुलिस को अपार्टमेंट में केवल एक आया और वो ट्यूशन टीचर दीपाली सिंह मिली, जो घटना के समय अपार्टमेंट में प्रखर को पढ़ाने पहुंची थी। उसको पुलिस ने घटनास्थल पर जांच के दौरान पूछताछ के लिए बुलाया था। दरअसल मृतक प्रखर के दादा दादी ने बयान दिया था कि इसी युवति (प्रखर की ट्यूशन टीचर) ने जब होमवर्क करने के बजाए वीडियो गेम खेलते रहने की शिकायत की तो दादी ने उसको डांट दिया। इसी से क्षुब्ध होकर 13 वर्षीय प्रखर जाकर फ्लैट के छज्जे से नीचे कूद गया, जिससे उसके दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि इस बयान को सफेद झूठ बताते हुए मृतक की मां बोस्की ने बेटे की हत्या किए जाने का आरोप पति और ससुरालियों पर लगाया था। उनका कहना था कि शराब के लती पति सुधांशु और जेठ द्वारा मारपीट और प्रताड़नाओं के कारण पति पर घरेलू हिंसा और गुजारे का मुकदमा कर रखा था। सालों से ससुराल छोड़ पिता के पास रह रही थीं। ससुरालियों ने बेटे को जबरन अलग करके अपने पास रख रखा था। आरोप है कि पति, सास, ससुर और जेठ सौरभ लगातार बेटे को मानसिक व शारीरिक टॉर्चर कर बोस्की से अपने पिता की पूरी प्रॉपर्टी प्रखर के नाम करवाने का दबाव बनाते थे, मिलने भी नहीं देते थे। कहा सफल नहीं होने पर 16 दिसंबर, 2025 की शाम बेटे को छत से फेंककर जान से मार डाला। घटना के बाद मृतक प्रखर की माँ बोस्की त्रिपाठी की तमाम गुहार के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की थी। आरोप लगे थे की शहर के कई पॉलिटिकल सफेदपोश आरोपियों को बचा रहे हैं। दबाव डालकर एफआईआर क्या, जांच तक नहीं होने दी गई थी।

