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प्लाट पर कब्जे की नीयत से चार पेड़ काटने और बाउंड्री गिराने का आरोप

बिंदास बोल | BINDAS BOL

प्लाट पर कब्जे की नीयत से चार पेड़ काटने और बाउंड्री गिराने का आरोप

प्रेस क्लब में पीड़ित ने लगाई नगर निगम कर्मचारियों और विपक्षी पर मिलीभगत का आरोप, पुलिस से कार्रवाई की मांग
📍 कानपुर नगर   |   📅 08 अगस्त 2026   |   📰 प्रेस क्लब वार्ता
कानपुर के श्याम नगर क्षेत्र में पुश्तैनी प्लाट को लेकर चल रहे विवाद में गंभीर आरोप सामने आए हैं। प्लाट मालिक दशरथ सिंह ने प्रेस क्लब में वार्ता कर आरोप लगाया कि उनके प्लाट में खड़े करीब 35 से 40 वर्ष पुराने तीन नीम और एक शीशम के पेड़ कब्जे की नीयत से कटवा दिए गए। आरोप है कि इसी दौरान प्लाट की बाउंड्री भी गिरा दी गई। पीड़ित ने विरोध करने पर गाली-गलौज और जान-माल की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है।

पुश्तैनी प्लाट में खड़े थे चार पुराने पेड़

शिकायतकर्ता दशरथ सिंह पुत्र कालीचरण, निवासी मकान नंबर 122ए, न्यू आजाद नगर, सतवरी, कानपुर नगर के अनुसार श्याम नगर, कानपुर नगर स्थित प्लाट नंबर 337ए उनका पुश्तैनी प्लाट है।

दशरथ सिंह का कहना है कि इस प्लाट में उनके तीन नीम के पेड़ और एक शीशम का पेड़ खड़ा था। शिकायतकर्ता के मुताबिक इन पेड़ों की उम्र करीब 35 से 40 वर्ष थी।

पीड़ित का आरोप है कि इन पेड़ों को योजनाबद्ध तरीके से काटा गया, ताकि प्लाट पर कब्जा करने की राह आसान हो सके।

“मेरे पुश्तैनी प्लाट में वर्षों पुराने तीन नीम और एक शीशम के पेड़ खड़े थे। आरोप है कि प्लाट पर कब्जा करने की नीयत से इन पेड़ों को कटवा दिया गया।” — दशरथ सिंह, शिकायतकर्ता

2023 में भी एक पेड़ कटवाने का आरोप

शिकायतकर्ता के मुताबिक यह पहली घटना नहीं है। उसका आरोप है कि इससे पहले 19 सितंबर 2023 को भी प्लाट पर कब्जा करने की नीयत से रामेन्द्र द्विवेदी द्वारा एक पेड़ कटवाया गया था।

दशरथ सिंह के अनुसार उस घटना की शिकायत भी पुलिस तथा बड़े अधिकारियों से की गई थी। इसके बावजूद विवाद समाप्त नहीं हुआ।

कैप्शन : विवादित प्लाट में कटे हुए पेड़ और मौके का दृश्य।

6 अगस्त को चारों पेड़ कटवाने का आरोप

दशरथ सिंह ने आरोप लगाया कि 6 अगस्त 2026 को करीब शाम 4 बजे रामेन्द्र द्विवेदी पुत्र स्वर्गीय सियाराम द्विवेदी, निवासी 124/29सी, गोविंद नगर, कानपुर नगर ने अपनी कथित दबंगई के बल पर नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से मिलीभगत कर प्लाट में खड़े चारों पेड़ कटवा दिए।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि पेड़ काटने के साथ ही पूरे प्लाट की बाउंड्री भी गिरवा दी गई।

दशरथ सिंह ने प्रेस वार्ता में यह भी आरोप लगाया कि उक्त कार्रवाई ऐसे समय की गई, जब वह अपने मुकदमे की तारीख के सिलसिले में कचहरी गया हुआ था।

न्यायालय में विचाराधीन है प्लाट का विवाद

शिकायतकर्ता के अनुसार श्याम नगर स्थित उक्त विवादित प्लाट को लेकर सिविल कोर्ट में मुकदमा संख्या 1142/2018 — दशरथ सिंह बनाम रामेन्द्र द्विवेदी आदि विचाराधीन है। शिकायतकर्ता का दावा है कि मामले में दौरान-ए-मुकदमा न्यायालय से स्टे भी प्राप्त है।

कचहरी में तारीख के दौरान पेड़ काटने का आरोप

शिकायतकर्ता के मुताबिक 6 अगस्त को वह न्यायालय में तारीख करने के लिए कचहरी गया था। उसका आरोप है कि इसी दौरान कथित साजिश के तहत प्लाट में पेड़ कटवाने और बाउंड्री गिराने की कार्रवाई की गई।

दशरथ सिंह का कहना है कि कचहरी से लौटते समय जब वह अपने प्लाट की तरफ गया तो वहां नगर निगम के कर्मचारी पेड़ों को काटकर गिरा रहे थे और उनकी कटाई कर रहे थे।

पीड़ित के अनुसार उसने मौके पर पहुंचकर पेड़ काटने का विरोध किया। आरोप है कि विरोध करने पर नगर निगम के कर्मचारी भी विरोध करने लगे।

नगर निगम कर्मचारियों पर भी गंभीर आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि मौके पर मौजूद नगर निगम कर्मचारियों ने रामेन्द्र द्विवेदी का नाम लेते हुए बताया कि उसी के कहने पर पेड़ काटे जा रहे हैं। दशरथ सिंह का कहना है कि इसके बाद उसने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी।

शिकायतकर्ता के मुताबिक सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। वहां पेड़ काट रहे सुखलाल यादव नामक व्यक्ति को पुलिस अपने साथ श्याम नगर चौकी ले गई।

दशरथ सिंह का दावा है कि सुखलाल यादव स्वयं को नगर निगम का सुपरवाइजर बता रहा था और उसके पास से पेड़ काटने में इस्तेमाल की जा रही कटर मशीन, कुल्हाड़ी और रस्सा भी पुलिस द्वारा ले जाया गया।

पुलिस पहुंचने के बाद मौके से चले जाने का आरोप

शिकायतकर्ता के अनुसार पुलिस द्वारा सुखलाल यादव को श्याम नगर चौकी ले जाने के बाद रामेन्द्र द्विवेदी मौके से चला गया।

दशरथ सिंह का आरोप है कि पुलिस मौके पर पहुंचने के बावजूद मामले में अभी तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।

श्याम नगर चौकी में दी लिखित शिकायत

पीड़ित का कहना है कि घटना के तुरंत बाद उसने रिपोर्टिंग चौकी श्याम नगर में लिखित शिकायती प्रार्थना-पत्र दिया।

शिकायत में रामेन्द्र द्विवेदी, पेड़ काटने वाले सुखलाल यादव तथा अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता के अनुसार उसने पुलिस को घटना की पूरी जानकारी देने के साथ ही न्यायालय में चल रहे विवाद और प्लाट पर स्टे होने की बात भी बताई।

कार्रवाई न होने पर जताई आशंका

“मुझे आशंका है कि विपक्षी अपनी दबंगई के बल पर किसी भी समय मेरे मकान या प्लाट पर कब्जा कर सकता है। प्रशासन मेरी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए।” — दशरथ सिंह, शिकायतकर्ता

शिकायतकर्ता ने कहा कि पेड़ों की कटाई और प्लाट की बाउंड्री गिराए जाने की घटना के बाद उसे अपनी संपत्ति को लेकर गंभीर चिंता है। उसने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।

हरे पेड़ों की कटाई की अनुमति की जांच की मांग

दशरथ सिंह ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से यह भी मांग की है कि प्लाट में खड़े हरे पेड़ों को काटने के लिए किसी प्रकार की अनुमति ली गई थी या नहीं, इसकी जांच कराई जाए।

उसने संबंधित विभाग से यह भी जांच कराने की मांग की है कि पेड़ों की कटाई के लिए कोई वैधानिक अनुमति या आदेश जारी किया गया था अथवा नहीं।

शिकायतकर्ता ने नगर निगम कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच किए जाने की मांग की है।

मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग

प्रेस क्लब में हुई वार्ता के दौरान दशरथ सिंह ने रामेन्द्र द्विवेदी, सुखलाल यादव समेत अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसके प्लाट में जबरन कब्जा करने की कोशिश, बिना सूचना अथवा आवश्यक अनुमति के हरे पेड़ काटने, विरोध करने पर गाली-गलौज तथा जान-माल की धमकी दिए जाने की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

उसने पुलिस अधिकारियों से मामले में रिपोर्ट दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

शिकायतकर्ता की प्रमुख मांगें

• प्लाट पर कथित कब्जे के प्रयास की निष्पक्ष जांच।
• चार हरे पेड़ों की कटाई की जांच।
• पेड़ काटने की अनुमति/वैधानिक प्रक्रिया की जांच।
• नगर निगम कर्मचारियों की भूमिका की जांच।
• प्लाट की बाउंड्री गिराए जाने की जांच।
• कथित गाली-गलौज और धमकी की जांच।
• संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई।
• प्लाट और शिकायतकर्ता की सुरक्षा सुनिश्चित करना।

मामले में दूसरे पक्ष का पक्ष भी महत्वपूर्ण

इस पूरे मामले में शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि समाचार तैयार किए जाने तक नहीं हो सकी है। रामेन्द्र द्विवेदी, सुखलाल यादव अथवा संबंधित नगर निगम अधिकारियों का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी निष्पक्षता के साथ प्रकाशित किया जाना आवश्यक होगा।

महत्वपूर्ण सूचना :
यह समाचार शिकायतकर्ता दशरथ सिंह द्वारा प्रेस क्लब में की गई वार्ता तथा उनके द्वारा दिए गए शिकायती प्रार्थना-पत्र में लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में किसी भी आरोप को न्यायालय द्वारा सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित पक्षों का पक्ष समाचार तैयार किए जाने तक उपलब्ध नहीं हो सका है। संबंधित पक्ष का बयान/स्पष्टीकरण प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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