राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई के जन औषधि केंद्र पर छापा, प्राइवेट दवाइयाँ पकड़ी गईं – प्रशासन की निष्क्रियता पर उठे सवाल
उरई (जालौन)।राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई के जन औषधि केंद्र पर चिकित्सालय प्रशासक डॉ. चरक सांगवान द्वारा छापा मारा गया। छापे में केंद्र पर प्राइवेट दवाइयों की अवैध बिक्री पकड़ी गई।
डॉ. सांगवान ने बताया कि लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि केंद्र संचालक मरीजों को बिना बिल के प्राइवेट दवाइयाँ बेच रहा है। यह जन औषधि योजना के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
यह मामला अब प्रशासनिक निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जन औषधि केंद्र में नियमों का उल्लंघन लंबे समय से चल रहा था, लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कॉलेज प्राचार्य की ओर से भी अब तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
फार्मासिस्ट नदारद, मरीज खतरे में
छापे के दौरान फार्मासिस्ट पंकज निषाद केंद्र पर मौजूद नहीं पाए गए। यह गंभीर लापरवाही है क्योंकि बिना लाइसेंसधारी फार्मासिस्ट के दवाइयों का वितरण मरीजों की सेहत के लिए बड़ा खतरा है। यह मेडिकल एक्ट और फार्मेसी कानूनों का सीधा उल्लंघन है।
लगातार सामने आ रहे हैं भ्रष्टाचार के मामले
राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन में समय-समय पर भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं के मामले सामने आते रहे हैं। जन औषधि केंद्र में हुई यह अनियमितता सिर्फ एक उदाहरण है, जिसकी जड़ में प्रशासन की लापरवाही और उदासीनता है।
अब सवाल यह है:क्या केंद्र संचालक और गैरहाजिर फार्मासिस्ट पर उचित कार्रवाई होगी?क्या मेडिकल कॉलेज प्राचार्य और उच्च प्रशासन अब जागेगा या जनता को यूं ही लूटा जाता रहेगा?जनता और मरीजों की सुरक्षा के लिए यह आवश्यक है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और जन औषधि केंद्र को पारदर्शिता और नियमों के तहत संचालित किया जाए।
बिंदास बोल न्यूज़ के लिए ब्यूरो चीफ जितेंद्र कुमार द्विवेदी की रिपोर्ट

