कॉलेजों में भर्ती घोटाले का बड़ा खुलासा

—कॉलेजों में दर्जनों एससी-एसटी पदों पर सामान्य वर्ग की नियुक्तियां!
🔹 साक्ष्यों के साथ लैब कर्मी ने खोले राज
🔹 बंगले पर बेगारी का आरोप, विरोध पर उत्पीड़न
🔹 भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी ने शासन से मांगी जांच
📍 कानपुर। शहर के तीन प्रतिष्ठित अनुदानित डिग्री कॉलेज — डीबीएस पीजी कॉलेज, गोविंद नगर, डीएवी पीजी कॉलेज, सिविल लाइंस और किदवई नगर महिला महाविद्यालय — में भर्ती घोटाले के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि वर्षों पहले हुई नियुक्तियों में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा कर आरक्षित पदों को सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों से भर दिया गया।
🔎 क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता रविकांत त्रिपाठी, जो डीबीएस कॉलेज की बॉटनी लैब में फोर्थ क्लास कर्मचारी हैं, ने मुख्यमंत्री से लेकर उच्च शिक्षा निदेशालय तक शिकायत भेजकर चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं।
👉 आरोपों के अनुसार:1998 से 2003 के बीच हुई भर्तियों में कूट रचित दस्तावेजों का इस्तेमालसामान्य व ओबीसी वर्ग के लोगों को एससी/एसटी दिखाकर नियुक्तिदर्जनों पदों पर आरक्षण नियमों की खुली अनदेखी
📂 शिकायतकर्ता ने कई कर्मचारियों के आधार, पैन और वोटर आईडी की कॉपियां व स्क्रीनशॉट प्रस्तुत किए, जिनमें नामों के साथ सामान्य जातियों के सरनेम दर्ज हैं
—जैसे दीक्षित, द्विवेदी, राठौर, वर्मा, सचान, जायसवाल।—⚠️ “कॉलेज नहीं, बंगले पर करो काम”
– कर्मचारी का आरोपरविकांत त्रिपाठी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:पिछले 10 वर्षों से प्रबंधन द्वारा बंगले पर काम करने का दबावविरोध करने पर उत्पीड़न और शोषणसर्विस बुक में एंट्री नहीं, अटेंडेंस में जबरन अनुपस्थिति दर्जकुछ कर्मचारी महीनों तक कॉलेज नहीं आते, फिर एक साथ अटेंडेंस भर दी जाती है।
📹 उन्होंने इन आरोपों के समर्थन में वीडियो बयान भी दिए हैं।—
📑 RTI से खुलासे की कोशिशशिकायतकर्ता ने:डीबीएस कॉलेज के 6 कर्मचारियोंडीएवी कॉलेज के 19 कर्मचारियोंमहिला महाविद्यालय के 5 कर्मचारियोंकी भर्ती प्रक्रिया, वर्ग और चयन वर्ष की जानकारी RTI के जरिए मांगी है।
👉 मांग: सभी कर्मचारियों की सर्विस बुक तलब कर निष्पक्ष जांच हो।—
🟦 राजनीतिक एंट्री – जांच की मांग तेजभीम आर्मी औरआजाद समाज पार्टी (कांशीराम)के जिलाध्यक्ष अर्पित कुमार आजाद ने:राज्यपाल, मुख्यमंत्री और आयोग को पत्र भेजासंदिग्ध नियुक्तियों की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई—
🗣️ प्राचार्यों का बचाव
👉 डीबीएस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ए.के. मिश्रा बोले:नियुक्तियां उनके कार्यकाल से पहले हुईंभर्ती प्रक्रिया प्रबंधन का कार्य, प्रशासन का नहींशिकायतकर्ता पर ही दबाव बनाने का आरोप
👉 महिला महाविद्यालय और डीएवी कॉलेज प्रशासन ने भी यही रुख अपनाया।—
⏳ प्रबंधन की चुप्पीप्रबंधन सचिव गौरवेंद्र स्वरूप से संपर्क करने पर उन्होंने व्यस्तता का हवाला दिया।एक दिन से अधिक इंतजार के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला।—
📌 पहले भी उठे हैं सवालमार्च 2022 में भी इसी तरह की शिकायत पर जिलाधिकारी कार्यालय ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा था, लेकिन तब प्रबंधन ने शिकायत को फर्जी करार दे दिया था।—
⚖️ अब क्या?
👉 अगर आरोप सही साबित होते हैं तो:यह आरक्षण व्यवस्था पर बड़ा हमला माना जाएगासंबंधित नियुक्तियां रद्द हो सकती हैंजिम्मेदारों पर कानूनी कार्रवाई तय–
-📰 Bindas Bol Analysis यह मामला सिर्फ भर्ती घोटाले का नहीं, बल्कि
👉 आरक्षण अधिकारों के हनन
👉 कर्मचारियों के शोषण
👉 शिक्षा संस्थानों की साख पर सवाल का है।अब देखना होगा कि शासन इस पर सख्त कार्रवाई करता है या मामला फाइलों में दब जाता है।

