फर्रुखाबाद में हड़कंप: छिपकली पड़ी सब्जी खाने से एक ही परिवार के छह लोग हुए फूड प्वॉइजनिंग के शिकार, अस्पताल में भर्ती
बिंदास बोल न्यूज विशेष संवाददाता | फर्रुखाबाद
फर्रुखाबाद। जनपद के मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में शुक्रवार की रात खाने में छिपकली गिर जाने से बड़ा हादसा हो गया। छिपकली पड़ी दूषित सब्जी खाने से एक ही परिवार के छह सदस्यों की तबीयत अचानक बेहद बिगड़ गई। सभी पीड़ितों को लगातार उल्टियां और जी मिचलाने की शिकायत होने के बाद आनन-फानन में डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने मुस्तैदी से उनका इलाज किया।
अंधेरे में बनी थी सब्जी, खाना खाने के बाद बर्तन में दिखी मरी छिपकली
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मऊदरवाजा क्षेत्र के ग्राम कुबेरपुर घाट निवासी राजेंद्र (उम्र 50 वर्ष) के घर में शुक्रवार देर शाम बिजली न होने या कम रोशनी के कारण अंधेरे में रात की सब्जी बनाई गई थी। सब्जी बनने के बाद परिवार के सदस्यों ने बड़े चाव से खाना खाया।
खाना खाने के कुछ देर बाद जब परिवार के अन्य लोगों के लिए बर्तन से दोबारा सब्जी निकाली जाने लगी, तो सब्जी के भीतर एक मरी हुई छिपकली तैरती हुई दिखाई दी। सब्जी में छिपकली देखते ही पूरे परिवार के होश उड़ गए और खाना खा चुके लोगों का जी मिचलाने लगा और देखते ही देखते उन्हें ताबड़तोड़ उल्टियां शुरू हो गईं।
विषाक्त भोजन (Food Poisoning) के शिकार हुए लोग:
- राजेंद्र (50 वर्ष)
- रामा देवी (40 वर्ष)
- सीमा (25 वर्ष)
- नीतू (20 वर्ष)
- कोमल (15 वर्ष)
- मासूम आर्यन (3 वर्ष)
जिला पंचायत सदस्य ने अस्पताल में कराया भर्ती, इलाज के बाद हालत में सुधार
एक साथ छह लोगों की हालत बिगड़ने से कुबेरपुर घाट गांव में अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे जिला पंचायत सदस्य अवनीश यादव ने सभी पीड़ितों को तुरंत अपनी गाड़ी से जिला लोहिया अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों ने सभी को एडमिट कर फौरन प्राथमिक उपचार और एंटी-डोट्स दिए।
गनीमत रही कि समय रहते पीड़ितों को इलाज मिल गया। करीब दो घंटे तक डॉक्टरों की कड़े निरीक्षण और इलाज के बाद जब सभी छह लोगों की हालत में पूरी तरह सुधार हो गया, तो डॉक्टरों ने उन्हें घर जाने की अनुमति दे दी। पीड़ित महिला सीमा ने बताया कि खाना खाने के बाद अचानक सबका स्वास्थ्य खराब होने लगा था, लेकिन अब डॉक्टरों के इलाज के बाद सभी सुरक्षित हैं।
