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कानपुर नगर निगम की कलह आई सामने: “खामखा की लकड़ियां मिल रही हैं, सोच रहा हूं इस्तीफा दे दूं…” BJP पार्षद दल के नेता का ऑडियो वायरल

बिंदास बोल न्यूज विशेष संवाददाता | कानपुर


कानपुर। कानपुर नगर निगम में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पार्षदों के बीच लंबे समय से चली आ रही आंतरिक कलह अब सोशल मीडिया वॉर में बदल गई है। शनिवार को नगर निगम के दो गुटों में बंटे भाजपा पार्षदों के विवाद के बीच एक सनसनीखेज ऑडियो वायरल हुआ है। यह कथित ऑडियो पार्षद दल के नेता नवीन पंडित और बागी गुट के पार्षद विकास जायसवाल के बीच बातचीत का बताया जा रहा है। इस 5 मिनट के वायरल ऑडियो में नवीन पंडित अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं और व्यवस्था से परेशान होकर पार्षद पद से इस्तीफा देने तक की बात कह रहे हैं। हालांकि, ऑडियो वायरल होने के महज तीन घंटे बाद नवीन पंडित ने एक वीडियो जारी कर इस पूरी बातचीत को ‘कट-एंड-पेस्ट’ और साजिश करार दिया है।

वायरल ऑडियो की बड़ी बातें: “पार्टी के नए नेता हमारी ऐसी-तैसी करा रहे”

वायरल ऑडियो उस समय का बताया जा रहा है जब नवीन पंडित ने बागी पार्षदों के खिलाफ प्रमिला सभागार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। ऑडियो में बागी पार्षद विकास जायसवाल जब नवीन पंडित से प्रेस वार्ता के बारे में पूछते हैं, तो नवीन पंडित बेहद भावुक और लाचार लहजे में कहते हैं— “हम तो बिल्कुल ऐसे अपने को महसूस कर रहे हैं कि हमें लग रहा है दो-तीन दिन में… क्या बताएं यार… हम तो पूरे फंस गए विकास।”

नवीन पंडित ऑडियो में आगे कहते हैं— “आजकल हमारी पार्टी के कुछ नए बड़े नेता आ गए हैं (सौरभ देव, गोलू)… खुद को कुछ करना नहीं है और हमारी ऐसी-तैसी करा रहे हैं। हम चाहें तो आज सबको बैठाकर हाथ जोड़वा दें, मामला खत्म करा दें, लेकिन महापौर नहीं चाहती हैं।” बातचीत के अंत में उन्होंने भारी मन से कहा— “हम सोच रहे हैं कि दे दें इस्तीफा। हां, पार्षद पद से इस्तीफा दे दें… ये खामखा की जो लकड़ियां हमको मिल रही हैं, ये बंद हो जाएंगी विकास।”

ऑडियो में विकास कार्यों में उपेक्षा और परिवार की पीड़ा का भी जिक्र

बातचीत के दौरान पार्षद विकास जायसवाल ने आरोप लगाया कि मां तपेश्वरी देवी मंदिर का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया, बिरहाना रोड का सुंदरीकरण रुकवा दिया गया और जलभराव की समस्याओं पर बजट नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि नवीन पंडित से दबाव में यह सब कराया जा रहा है। इसके अलावा, बातचीत में महापौर के परिवार के एक वरिष्ठ सदस्य के अस्वस्थ होने और दिल्ली में उनके इलाज (कीमोथेरेपी) चलने का भी संवेदनशील जिक्र है, जिसके बावजूद स्थानीय स्तर पर राजनीति चमकाने की कोशिशों पर चिंता जताई गई है।

सीएम और रक्षामंत्री के दरबार तक पहुंच चुका है मामला

गौरतलब है कि कानपुर नगर निगम में 26 दिसंबर 2025 को सदन की बैठक के दौरान भाजपा पार्षदों के बीच यह कलह खुलकर सामने आई थी। तब से यह विवाद स्थानीय स्तर से लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष, सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के दरबार तक पहुंच चुका है। नगर निगम के कुल पार्षदों में से एक तरफ नवीन पंडित के नेतृत्व में भाजपा के 75 पार्षद खड़े हैं, तो दूसरी तरफ बागी पवन गुप्ता के नेतृत्व में 6 पार्षदों का गुट मोर्चा खोले हुए है।

नवीन पंडित की सफाई: “स्मार्टफोन की मदद से बातचीत को काटकर वायरल किया गया”

कथित ऑडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के ठीक तीन घंटे बाद भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने एक स्पष्टीकरण वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा— “मेरे पास कीपैड वाला एक बेहद साधारण मोबाइल है। बागी पार्षद विकास जायसवाल और उनके साथी अक्सर रात में बार-बार कॉल करके परेशान करते हैं। मैंने केवल उनके मन की बातें निकलवाने के लिए सामान्य बातचीत की थी, लेकिन विकास ने स्मार्टफोन की तकनीक का दुरुपयोग कर बातचीत को जगह-जगह से काटा और उसे गलत तरीके से पेश कर ऑडियो वायरल कर दिया। मेरे सभी 75 पार्षद जायज हैं और उनकी मांगें भी सही हैं। मैं आज भी उनके साथ मजबूती से खड़ा हूं और हमेशा रहूंगा।”


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