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उत्तर प्रदेश राज्य सम्मेलन–2026 का भव्य आयोजन

उत्तर प्रदेश राज्य सम्मेलन-2026 का भव्य आयोजन, कंपनी सचिवों की भूमिका पर हुआ मंथन

उत्तर प्रदेश राज्य सम्मेलन–2026 का भव्य आयोजन

Company Secretary – Nurturing UP’s Corporate Landscape: From Purvanchal to NCR

📍 कानपुर | 19 जुलाई 2026 | प्रेस विज्ञप्ति | भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (ICSI), कानपुर चैप्टर
कानपुर। भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (आईसीएसआई) की उत्तरी भारत क्षेत्रीय परिषद (NIRC) के तत्वावधान में एवं कानपुर चैप्टर की मेजबानी में दिनांक 19 जुलाई 2026 को द प्रिस्टीन, कानपुर में “उत्तर प्रदेश राज्य सम्मेलन–2026” का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन की थीम “Company Secretary – Nurturing UP’s Corporate Landscape: From Purvanchal to NCR” रही, जिसमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में कंपनी सचिवों, कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स एवं विशेषज्ञों ने सहभागिता कर बदलते कॉरपोरेट परिवेश, सुशासन, अनुपालन तथा व्यावसायिक अवसरों पर गहन विचार-विमर्श किया।
मुख्य अतिथि का संबोधन

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री रमेश कुमार पाल, ICLS, सहायक रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज, कानपुर, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय, भारत सरकार रहे। उन्होंने अपने संबोधन में बदलते कॉरपोरेट एवं नियामकीय परिवेश में कंपनी सचिवों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कंपनी सचिव केवल अनुपालन अधिकारी नहीं बल्कि कॉरपोरेट गवर्नेंस के प्रमुख स्तंभ हैं। उन्होंने सभी प्रोफेशनल्स से उच्च स्तर के कॉरपोरेट गवर्नेंस, पारदर्शिता तथा नियामकीय अनुपालन को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

“उच्च स्तर का कॉरपोरेट गवर्नेंस और प्रभावी अनुपालन ही किसी भी संस्था की विश्वसनीयता तथा दीर्घकालिक विकास का आधार है।”
आईसीएसआई-एनआईआरसी चेयरपर्सन का संबोधन

आईसीएसआई-एनआईआरसी के चेयरपर्सन सीएस संतोष पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश में औद्योगिक एवं कॉरपोरेट गतिविधियों के तेजी से विस्तार के साथ कंपनी सचिवों की भूमिका लगातार व्यापक होती जा रही है। उन्होंने कहा कि “From Purvanchal to NCR” की अवधारणा प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में उपलब्ध बढ़ते प्रोफेशनल अवसरों का प्रतीक है। उन्होंने सदस्यों से नए क्षेत्रों में विशेषज्ञता विकसित कर प्रदेश के कॉरपोरेट एवं आर्थिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

प्रथम तकनीकी सत्र

सम्मेलन के प्रथम तकनीकी सत्र में आईसीएसआई के पूर्व अध्यक्ष सीएस नेसार अहमद ने “Art of Representation before Tribunals and Quasi-Judicial Bodies” विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि ट्रिब्यूनल एवं अर्ध-न्यायिक प्राधिकरणों के समक्ष प्रभावी प्रतिनिधित्व केवल कानूनी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए विषय की गहन तैयारी, तथ्यों का सटीक विश्लेषण, स्पष्ट प्रस्तुति एवं प्रभावशाली तर्क देने की क्षमता भी आवश्यक है। उन्होंने विभिन्न व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से बताया कि सुनवाई के दौरान तथ्यों की सही व्याख्या, कानून की उचित समझ तथा संतुलित प्रस्तुति किसी भी मामले के सफल प्रतिनिधित्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

“बेहतर तैयारी, स्पष्ट तथ्य और प्रभावशाली प्रस्तुति ही किसी भी ट्रिब्यूनल में सफल प्रतिनिधित्व की सबसे बड़ी शक्ति है।”
द्वितीय तकनीकी सत्र

द्वितीय तकनीकी सत्र में आईसीएसआई के पूर्व अध्यक्ष एवं पार्टनर सीएस रंजीत पांडे ने “Corporate Restructuring, its Technicalities and Recent Reforms” विषय पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कॉरपोरेट पुनर्गठन की तकनीकी बारीकियों, नियामकीय आवश्यकताओं तथा हालिया सुधारों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बदलते कारोबारी परिवेश में पुनर्गठन केवल आवश्यकता ही नहीं बल्कि प्रतिस्पर्धा में आगे बने रहने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कंपनी सचिवों के लिए सलाहकार, प्रतिनिधि एवं रणनीतिक विशेषज्ञ के रूप में व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।

विशेष पैनल चर्चा

सम्मेलन में “Various Opportunities for Company Secretaries, Ways to Explore and Deal with Challenges” विषय पर विशेष पैनल चर्चा आयोजित की गई। इस पैनल चर्चा में

  • सीएस अजय पांडे
  • सीएस अनिल कुमार
  • सीएस अजय जायसवाल
ने कंपनी सचिवों के लिए उभरते व्यावसायिक अवसरों, टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में प्रोफेशनल प्रैक्टिस की संभावनाओं, नई सेवाओं तथा बदलते नियामकीय वातावरण में आने वाली चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा किए। पैनल चर्चा का प्रभावी संचालन सीएस मनोज कुमार यादव ने किया।

“आज कंपनी सचिवों के लिए पारंपरिक अनुपालन से कहीं अधिक अवसर उपलब्ध हैं। आवश्यकता है बदलती परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को लगातार अपडेट रखने की।”
कानपुर चैप्टर का संदेश

कानपुर चैप्टर के चेयरमैन सीएस आशीष बंसल ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सम्मेलन प्रदेशभर के कंपनी सचिवों को एक साझा मंच उपलब्ध कराने तथा उनके ज्ञान, कौशल एवं व्यावसायिक दक्षता को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सदस्यों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने तथा नए अवसरों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।

चैप्टर की सचिव सीएस जागृति मिश्रा ने कहा कि बदलते कॉरपोरेट परिदृश्य में कंपनी सचिवों के लिए पारंपरिक अनुपालन से आगे बढ़कर कॉरपोरेट पुनर्गठन, एडवोकेसी, प्रतिनिधित्व, रणनीतिक सलाह एवं विभिन्न नए क्षेत्रों में कार्य करने के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन प्रोफेशनल्स को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के साथ-साथ नए अवसरों की पहचान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम का सफल संचालन एवं विशिष्ट उपस्थिति

कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावी मंच संचालन सीएस ईशा कपूर द्वारा किया गया। इस अवसर पर आईसीएसआई-एनआईआरसी के वाइस-चेयरपर्सन एवं कार्यक्रम निदेशक सीएस अवनीश श्रीवास्तव, सचिव सीएस राहुल शर्मा तथा कोषाध्यक्ष एवं पीडीपी कमेटी की चेयरपर्सन सीएस मनप्रीत सिंह सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में कंपनी सचिव, कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स एवं सदस्य उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न तकनीकी विषयों पर विशेषज्ञों से संवाद स्थापित किया तथा कॉरपोरेट गवर्नेंस, नियामकीय अनुपालन, कॉरपोरेट पुनर्गठन एवं व्यावसायिक संभावनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।

सम्मेलन का निष्कर्ष

“उत्तर प्रदेश राज्य सम्मेलन–2026 ने यह संदेश दिया कि बदलते कॉरपोरेट परिवेश में कंपनी सचिव केवल अनुपालन विशेषज्ञ ही नहीं, बल्कि कॉरपोरेट गवर्नेंस, रणनीतिक सलाह, पुनर्गठन, प्रतिनिधित्व एवं संस्थागत विकास के प्रमुख साझेदार के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।”
मुख्य बिंदु
  • ✔ उत्तर प्रदेश राज्य सम्मेलन–2026 का भव्य आयोजन कानपुर में सम्पन्न।
  • ✔ प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कंपनी सचिवों एवं प्रोफेशनल्स ने सहभागिता की।
  • ✔ कॉरपोरेट गवर्नेंस एवं अनुपालन पर विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव।
  • ✔ ट्रिब्यूनल प्रतिनिधित्व एवं कॉरपोरेट रिस्ट्रक्चरिंग पर विस्तृत तकनीकी सत्र आयोजित हुए।
  • ✔ कंपनी सचिवों के लिए उभरते व्यावसायिक अवसरों एवं चुनौतियों पर विशेष पैनल चर्चा हुई।
  • ✔ उत्तर प्रदेश में कॉरपोरेट क्षेत्र के विकास में कंपनी सचिवों की बढ़ती भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।

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