दैव्य शक्ति (देवीय विद्या) का झांसा देकर 132000000 रुपए की ठगी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार।
पुणे,घटना है पुणे शहर की जहां 2018 से 04/11/2025 के बीच, दीपक जनार्दन खड़के, नासिक निवासी व उनके शिष्य / प्रतिनिधि शंकर महाराज दरबार की महिला कर्मचारी, वेदिका कुणाल पंढरपुरकर,निवासी पुणे और कुणाल वैजनाथ पंढरपुरकर, वेदिका की मां और भाई ने बताया कि शंकर महाराज वेदिका के शरीर में आते हैं और उन्हें दिव्य शक्तियां प्राप्त हुई हैं। पुणे ने एक दरबार लगाया जाता है जिससे सबका काम बनता है जब शिकायतकर्ता अपनी बीमार बेटी के साथ वहां गया, तो आरोपी ने दैवीय शक्ति से बीमारी ठीक करने का नाटक किया और कहा कि शिकायतकर्ता के बैंक खाते, खेत, घर, प्लॉट, बीमा पॉलिसी, पी.पी.एफ. राशि, ईपीएफ राशि में दोष है ओर उसे खेत और घर बेचने के लिए मजबूर किया। राशि, बैंक खाता, बीमा पॉलिसी राशि, पी.पी.एफ. राशि, ईपीएफ राशि, स्वर्ण बंधक ऋण राशि, गृह ऋण राशि, कुल मिलाकर लगभग 13,20,00,000/- रुपये वेदिका पंढरपुरकर, कुणाल पंढरपुरकर और पी.डी. बी/अन्वी कंपनी, सान्वी रेडीमिक्स कंपनी के खातों में जमा करने के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद भी उनकी बेटी ठीक नहीं हुई और शिकायतकर्ता ने आरोपियों को दी गई राशि आरोपियों ने वापस नहीं करके धोखा दिया। जिससे महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, अघोरी और क्रूर व्यवहार और काला जादू अधिनियम 2013 की धारा 3 (2) के साथ-साथ विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 91 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस मामले में, क्राइम ब्रांच, यूनिट 1 के पुलिस अधिकारी दो टीमें बनाकर जाँच के नासिक रवाना हुए और आरोपी को नासिक ग्रामीण पुलिस स्टेशन में हिरासत में ले लिया गया है। इस मामले की जाँच आर्थिक अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक संतोष खेतमलास कर रहे हैं।
सतीशकुमार मंडोरा बिंदास बोल संवाददाता मुंबई।

