₹10 में डिजिटल सोना खरीदने वाले हो जाइए सावधान! अगर कंपनियां डूबती है तो SEBI से सुरक्षा नहीं मिलेगी!
मुंबई,सेबी ने साफ तौर पर बताया कि कुछ डिजिटल/ऑनलाइन प्लेटफॉर्म निवेशकों को ‘डिजिटल गोल्ड/ई-गोल्ड उत्पादों’ में निवेश करने की पेशकश कर रहे हैं। डिजिटल गोल्ड को भौतिक सोने में निवेश के विकल्प के रूप में विपणन किया जा रहा है। ऐसे डिजिटल गोल्ड उत्पाद सेबी द्वारा विनियमित गोल्ड उत्पादों से भिन्न हैं क्योंकि इन्हें न तो प्रतिभूतियों के रूप में अधिसूचित किया जाता है, और न ही कमोडिटी डेरिवेटिव्स के रूप में विनियमित किया जाता है। ये पूरी तरह से सेबी के दायरे से बाहर संचालित होते हैं। ऐसे डिजिटल गोल्ड उत्पाद निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण जोखिम पैदा कर सकते हैं और निवेशकों को प्रतिपक्ष और परिचालन जोखिमों के प्रति संवेदनशील बना सकते हैं।
मतलब ऐसी डिजिटल गोल्ड कंपनियां सेबी के अधीन नहीं है जिससे इसमें बहुत बड़ा रिस्क है और कोई सिक्योरिटी नहीं है यानी ऐसे कंपनी कभी डिफॉल्ट होती है या डूब जाती है तो निवेशकों को सेबी से कोई सुरक्षा नहीं मिलेगी।
निवेशकों/प्रतिभागियों को अवगत कराया जाता है कि प्रतिभूति बाजार के दायरे में कोई भी निवेशक सुरक्षा तंत्र ऐसे डिजिटल गोल्ड/ई-गोल्ड उत्पादों में निवेश के लिए उपलब्ध नहीं होगा।सेबी ने एक्सचेंज ट्रेड कमोडिटी डेरिवेटिव कांट्रैक्ट, म्युचुअल फंड द्वारा प्रस्तुत गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ईटीएफ और स्टाफ एक्सचेंज पर ट्रेंड किए जाने योग्य इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसिट्स में सेबी विनियमित स्वर्ण उत्पादकों में निवेश से भी पंजीकृत मध्यस्थौ तक के माध्यम से किया जा सकता है और यह सेबी द्वारा निर्धारित नियामक ढांचे द्वारा शासित होते हैं।सतीशकुमार मंडोरा बिंदास बोल संवाददाता मुंबई।

