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हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर कानपुर प्रेस क्लब का भव्य आयोजन

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पत्रकारों के सम्मान संग लोकतंत्र, एआई और पत्रकारिता की चुनौतियों पर मंथन

“पत्रकारिता सिर्फ खबर नहीं, समाज की संवेदना और वंचितों की आवाज है” — बृजेश पाठक

“लोकतंत्र के चारों स्तंभ मजबूत रहेंगे तभी देश मजबूत होगा” — सतीश महाना

विशेष संवाददाता
कानपुर। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर कानपुर प्रेस क्लब द्वारा गैंजेस क्लब में एक भव्य गोष्ठी एवं पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका, एआई के दौर की चुनौतियों और पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। साथ ही देशभर में पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कानपुर मूल के नौ वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि कानपुर की धरती ने हिंदी पत्रकारिता को नई दिशा दी है। उन्होंने हिंदी के प्रथम समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ के संस्थापक पंडित जुगल किशोर शुक्ल का उल्लेख करते हुए कहा कि कानपुर आज भी पत्रकारिता की प्रतिभाओं का केंद्र बना हुआ है।

उन्होंने कहा—

“एआई के इस दौर में पत्रकारों को और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। मशीनें सूचना दे सकती हैं, लेकिन संवेदना, समाज की पीड़ा और वंचितों की आवाज सिर्फ एक पत्रकार ही समझ और लिख सकता है।”

उपमुख्यमंत्री ने पत्रकारों के स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार मान्यता प्राप्त पत्रकारों को आयुष्मान योजना से जोड़ रही है, जबकि अन्य पत्रकारों को भी इसका लाभ दिलाने के लिए प्रस्ताव शासन स्तर पर भेजा गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पत्रकारों के इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि पत्रकारिता कभी मिशन हुआ करती थी, लेकिन समय के साथ इसमें व्यापक बदलाव आया है। उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती में मीडिया की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा—

“कार्यपालिका, न्यायपालिका, विधायिका और पत्रकारिता — लोकतंत्र के ये चारों स्तंभ हैं। इनमें से एक भी कमजोर हुआ तो लोकतंत्र की नींव प्रभावित होगी।”

सांसद रमेश अवस्थी ने कानपुर की गौरवशाली पत्रकारिता परंपरा का उल्लेख करते हुए विधानसभा में पत्रकार शिरोमणि गणेश शंकर विद्यार्थी की प्रतिमा स्थापित करने की मांग रखी। इस पर सतीश महाना ने तत्काल घोषणा करते हुए कहा कि विधानसभा की डिजिटल गैलरी में गणेश शंकर विद्यार्थी का चित्र अवश्य लगाया जाएगा।

वरिष्ठ पत्रकार सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने अपने संबोधन में पत्रकारिता के मूल्यों को बनाए रखने का संदेश दिया। उद्योगपति विजय कपूर ने अतिथियों का स्वागत किया। प्रेस क्लब अध्यक्ष सरस वाजपेई और महामंत्री शैलेश अवस्थी ने आयोजन के सफल संचालन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन वरिष्ठ पत्रकार रमेश वर्मा एवं आस्था तिवारी ने किया।

इस अवसर पर प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष गौरव सारस्वत, मंत्री मोहित दुबे, शिवराज साहू, कोषाध्यक्ष सुनील साहू, दीपक सिंह, गगन पाठक, रोहित निगम, उत्सव शुक्ला, अमन चतुर्वेदी, मयंक मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम से पूर्व भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित, शिवराम सिंह, शिवांग मिश्रा और अनूप अवस्थी ने अतिथियों का स्वागत किया।

इन पत्रकारों को किया गया सम्मानित

समारोह में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना एवं सांसद रमेश अवस्थी ने कानपुर मूल के प्रतिष्ठित पत्रकारों को सम्मानपत्र, प्रतीक चिह्न एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान पाने वालों में—

  • राजीव सिंह — हाईपर लोकल हेड डिजिटल, अमर उजाला दिल्ली
  • विजय त्रिपाठी — कार्यकारी संपादक, अमर उजाला लखनऊ
  • राजकिशोर — संपादक, अमर उजाला दिल्ली
  • अंकित शुक्ला — समूह संपादक, प्रभात खबर
  • पंकज निगम — संस्थापक, सीडब्लूएन न्यूज
  • संजय त्रिपाठी — नेशनल हेड, प्राइम न्यूज
  • आदित्य द्विवेदी — विशेष संवाददाता, भारत जन एक्सप्रेस न्यूज
  • ऋषभ मणि त्रिपाठी — न्यूज 18 लखनऊ
  • रतीश त्रिवेदी — राजनीतिक संपादक, डेली हंट

प्रमुख रूप से शामिल रहे।

कार्यक्रम में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, तकनीक के प्रभाव और मीडिया की सामाजिक जिम्मेदारियों पर व्यापक चर्चा हुई। आयोजन ने न केवल हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली यात्रा को याद किया बल्कि आने वाली पीढ़ी के पत्रकारों को भी नई प्रेरणा दी।

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