निजीकरण टेंडर के विरोध में आंदोलन करने को कर्मचारी विवश

कानपुर। निजीकरण टेंडर के विरोध में जोन 3 किदवई नगर, में सफाई कर्मचारियों, उद्यान, अभियंत्रण एवं मार्गप्रकाश के सैकड़ों कर्मचारियों के साथ काला फीता बांध कर जबरदस्त नारेबाजी करते हुए 14 मई को मोतीझील मुख्यालय पर आयोजित आमसभा में पहुंचने का आवाहन किया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जनहित में हम लोग किसी तरह का आंदोलन करने के पक्षधर नहीं है। इसीलिए कानपुर नगर के माननीय जनप्रतिनिधियों से भेट कर ज्ञापन देकर अनुरोध किया कि निजीकरण टेंडर को निरस्त करने हेतु हस्तक्षेप कर समाधान करा दिया जाए लेकिन मंडलायुक्त सहित नगर निगम प्रशासन अपनी मनमानी कर रहा है। मुख्यमंत्री महोदय द्वारा गठित आउटसोर्स सेवा निगम के शासनादेश एवं माननीय उच्चन्यालय की भी अवहेलना हो रही हैं लगभग 10 वर्षों से कार्यरत 5000 आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों को निजी कम्पनी में भेजने का टेंडर खोला जा रहा है, ऐसी स्थिति में कर्मचारी को आंदोलन/ कार्यबंदी के लिए विवश किया जा रहा है। समिति के नेताओं ने मंडलायुक्त महोदय/शासन प्रशासन से पुनः अनुरोध किया है कि टेंडर स्थगित कर पूर्व की तरह सेवा प्रदाता कम्पनी का जेम पोर्टल के माध्यम से टेंडर कराकर मानवबल आपूर्ति कर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करें अन्यथा ना चाहते हुए भी आंदोलन/कार्यबंदी पर जाने को विवश होना पड़ेगा। जिसका समस्त उत्तरदायित्व जिला प्रशासन व नगर निगम प्रशासन का होगा। सभा सर्वश्री जयपाल सिंह हरिओम वाल्मीकि रमाकांत मिश्रा विनोद रावत, मुन्ना हजारिया, अजीत बाघमार, मुकेश वाल्मीकि, पिंटू चौधरी, धीरज गुप्ता, रमेश चंद शुक्ला, सुधाकर मिश्र, कमरुद्दीन,अखिलेश सिंह, रामगोपाल चौधरी,राकेश परिहार, राजेंद्र बाल्मीकि, अखिलेश सिंह, बृजलाल भारती और बउआ वाल्मीकि आज लोग प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
बिंदास बोल कानपुर से राजू गौड की रिपोर्ट

