स्थापना दिवस पर सेवा संवेदना और संकल्प का उत्सव

कानपुर। असहायों के निःशुल्क इलाज को समर्पित Donorcy Social Welfare Charitable Association हम हैं न-देवदूत वानर सेवा का स्थापना दिवस 22 जनवरी 2026 शास्त्री नगर काली मठिया चौराहा कानपुर पर होना सुनिश्चित हुआ है ।जब बीमारी इंसान को तोड़ने लगती है और जेब का खालीपन उम्मीदें छीन लेता है तब भी यदि कोई हाथ थाम ले, वही सच्ची सेवा है। इसी भावना के साथ असहाय गरीब और वंचित लोगों के लिए निःशुल्क इलाज सेवासुश्रषा को समर्पित समाज सेवी संस्था Donorcy Social Welfare Charitable Association 22 जनवरी 2026 को अपना प्रथम स्थापना दिवस मना रही है, मुख्य अतिथि देवदूत वानर सेना के आदरणीय संरक्षक अजीत प्रताप सिंह (डिप्टी डायरेक्टर पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग) के सानिध्य व प्रेरणा से विशिष्ट अतिथि होंगे युग दधीचि देहदान अभियान के संस्थापक परम आदरणीय मनोज सेंगर जी। इस अवसर पर संस्था ने सेवा संवेदना और मानवता को और भी द्रुत गति से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है, जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क चिकित्सा परामर्श, दवाइयां व मार्गदर्शन प्रदान के हिए छार अंकन्डिह है। कई बेहरों पर लौटती मुस्कान इस बात की गवाही देती है कि करूणा से बड़ी कोई दवा नहीं होती है, 150 जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क स्कूल किट वितरण करके उनके शिक्षा में आने वालों अवरोधों को दूर करने के लिए दृढ़ संकल्पित होकर संस्था के संस्थापक के०के० सिंह (मुन्ना चौहान) ने भावुक शब्दों में बताया कि हमारी लड़ाई बीमारी से नहीं उस मजबूरी है जो इलाज को सपना बना देती है। जब तक समाज में एक भी व्यक्ति केवल पैसों के अभाव में तड़पता रहेगा, तब तक हमारी यात्रा चलती रहेगी। उन्होने बताया कि स्थापना के दिन से ही संस्थान ने यह संकल्प लिया है कि कोई भी जरूरतमंद दरवाजे से खाली हाथ न लौटे। आज संस्था असहायों के लिए उम्मीद की किरण बन चुकी है जहां इलाज के साथ-साथ सम्मान और अपनापन भी मिलता है । Donorcy Social Welfare Charitable Association हम है न- देवदूत वानर सेवा केवल एक संस्था नहीं बल्कि मानवीय मूल्यों की जीवित मिसाल है। सेवा में समर्पित कार्यकर्ताओं को सम्मानित कर उनके योगदान को नमन किया है। संस्था के अध्यक्ष के० के० सिंह (मुन्ना चौहान) ने बताया कि संस्था ने समाज के सक्षम लोगों से अपील की है कि वे आगे आयें, इस सेवा यज्ञ में आहूत दें और उस भारत के निर्माण में सहयोगी बने जहां बीमारी किसी की मजबूरी न बने ।

