अंतरराष्ट्रीय कवयित्री शबीना अदीब के जन्मोत्सव पर मुरारी लाल पुरी सामाजिक संस्थान ने सजाई गीतों और गजलों की महफिल
कानपुर। मुरारी लाल पुरी सामाजिक संस्थान द्वारा गीतों और गजलों की महफिल अंतरराष्ट्रीय कवयित्री शबीना अदीब के जन्मोत्सव पर स्थानीय प्रेस क्लब में आयोजित हुई। महफिल की शुरुवात कवि पवन सबरस ने “जन्मदिन होय मुबारकबाद शबीना अदीब जिओ हज़ारों साल ये है दुआ मेरी से हुई और महफिल में धूम मच गई तत्पश्चात वरिष्ठ कवि वेद प्रकाश शुक्ल की शानदार गजल से महफ़िल सजना शुरू हुई उन्होंने अपनी गजल से समा बांध दिया।4 घंटे चली जन्मोत्सव महफिल में कानपुर के प्रमुख गीतकारों ने उनके जन्मदिन को अति विशेष बना दिया। अपने जन्मदिन पर कवियों और साहित्यकारों की रचनाएं सुनकर गदगद हो गईं।उनके पति देश के जाने माने शायर जनाब जौहर कानपुरी ने भी अपनी पत्नी के जन्मदिन पर रचना पढ़कर महफिल में चार चांद लगा दिए। जन्मदिन समारोह में शबीना अदीब ने अपनी चिर परिचित अंदाज में अपनी सुपर हिट कविता “खामोश लब है झुकी है पलकें,दिलों में उल्फत नई नई है”,दिए मुंडेरों पे रख रही हूं जैसी अपनी कई सर्वश्रेष्ठ रचनाएं सुनाकर जन्मदिन समारोह को ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। कार्यक्रम के संयोजक भारतेन्दु पुरी ने अतिथियों का स्वागत किया,संचालन कवि मुकेश श्रीवास्तव ने किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनुराग मिश्र” गैर”,अध्यक्षता शायर असद अख्तर एवं विशिष्ट अतिथि इन्द्र मोहन रोहतगी रहे।कानपुर के गणमान्य कवि अजय द्विवेदी,मुरली परिहार,जुबैर फारूखी,पवन चौहान ने अपनी कविता पढ़ी।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राकेश गुप्ता,सुनील साहू,मनोज सिंह,जितेन्द्र मिश्रा,अरुण पांडे,उमेश शुक्ला,डॉ सुधांशु त्रिपाठी,विकास निगम आदि भारी संख्या में भागीदारी की।अंत में संजय भारती ने अतिथियों का धन्यवाद दिया।

