जमीन हथियाने का खेल या कानून का मज़ाक?

कानपुर।कल्याणपुर थाना क्षेत्र में दबंगई और कानून की धज्जियां उड़ाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक अधिवक्ता सुनियोजित तरीके से क्षेत्रीय लोगों से पहले विवाद करवाता है, फिर उन्हें डराकर उनकी संपत्ति सस्ते दामों में खरीदने का दबाव बनाता है।
हैरानी की बात यह है कि जो लोग अपनी जमीन बेचने से इंकार करते हैं, उनके खिलाफ महिलाओं को आगे कर दबंगई दिखाई जाती है और अवैध कब्जे की कोशिश की जाती है।
ताजा मामला पुराना शिवली रोड का है, जहां पांच महिलाओं ने कथित रूप से अधिवक्ता अजय अग्निहोत्री के इशारे पर शीला गुप्ता के साथ सरेआम मारपीट की। पीड़िता को सड़क पर गिराकर बेरहमी से पीटा गया। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश पैदा कर दिया है।

पीड़िता शीला गुप्ता ने थाना कल्याणपुर में मंजू त्रिपाठी, अनीता राठौर, अनीता मिश्रा, भोली अग्निहोत्री और अधिवक्ता अजय अग्निहोत्री के खिलाफ नामजद प्रार्थना पत्र दिया है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि अभी तक पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरोपी अधिवक्ता के प्रभाव के चलते पुलिस निष्क्रिय बनी हुई है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या कल्याणपुर पुलिस किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही है? या फिर कानून का राज केवल आम जनता के लिए ही है?

बिंदास बोल कानपुर से राजू गौड़ की रिपोर्ट

