भ्रष्टाचार के कीचड़ में डूब गई सड़क
कानपुर । थाना अरौल क्षेत्र के बिल्हौर विधानसभा की पूर्व प्रत्याशी रचना सिंह गौतम ने ग्रामीणों के साथ मिलकर मकनपुर रोड से होकर खड़ामऊ पिहानी तक जाने वाली रोड को लेकर विरोध किया रचना सिंह गौतम ने कहा कि मैं उसी खाड़ामऊ मार्ग पर खड़ी हूँ, जिसे सरकारी कागजों में तो ‘विकास की गंगगा’ बताया गया, लेकिन जमीन पर यहाँ सिर्फ ‘भ्रष्टाचार का कीचड़’ है।
मेरे पीछे इस बोर्ड को देखिये। सरकारी दस्तावेज गवाही दे रहे हैं कि इस सड़क का काम 15 मार्च 2025 को शुरू हो जाना चाहिए था। आज मार्च 2026 भी आ गया है। बोर्ड कह रहा है कि काम पूरा होने की आखिरी तारीख 14 मार्च 2026 है। यानी चंद दिनों में यह सड़क कागजों पर ‘पूरी’ घोषित कर दी जाएगी।
लेकिन विधायक जी, सड़क कहाँ है?
रचना सिंह ने बताया कि वहां पर लगे बोर्ड में लगभग साढ़े तीन करोड़ (₹349.68 लाख) का भारी-भरकम बजट इस 4 किलोमीटर की सड़क के लिए पास हुआ। साढ़े तीन करोड़ की सड़क क्या ‘मिस्टर इंडिया’ हो गई है जो जनता को दिखाई ही नहीं दे रही?
भाजपा सरकार का ‘रिपीट मॉडल’ समझिये—सड़क बनाओ मत, बस ‘बनाते रहो’। साल भर विभाग सोया रहा और अब जब मार्च की डेडलाइन सिर पर है, तो देखिएगा कैसे रातों-रात डामर की एक पतली परत बिछाई जाएगी। जैसे केक पर क्रीम लगाई जाती है, वैसे ही भ्रष्टाचार की लीपा-पोती होगी। पहली बारिश आएगी और साढ़े तीन करोड़ रुपये बहकर नाले में चले जाएंगे।
रचना सिंह ने कहा कि मैं पूछना चाहती हूँ:
विधायक जी, आपके प्रचार के बोर्ड तो गली-गली लग गए, लेकिन साढ़े तीन करोड़ की इस सड़क की गुणवत्ता कहाँ है? क्या जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा सिर्फ ठेकेदारों और भ्रष्टाचार के पहिए घुमाने के लिए है?
पूर्व प्रत्याशी रचना सिंह गौतम ने कहा भाजपा के 10 साल के शासन में हमने यही देखा है—एक ही सड़क बार-बार बनती है, बार-बार टूटती है। क्योंकि अगर सड़क मजबूत बन गई, तो कमीशन का धंधा बंद हो जाएगा।
बिंदास बोल कानपुर से राजू गौड़ की रिपोर्ट

