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सूरत में नकली घी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़: 2000 किलो ‘ज़हर’ बरामद।

सुरत 1 किलो असली घी से बनाते थे 15 किलो नकली मालसूरत, गुजरात:सूरत पुलिस और क्राइम ब्रांच ने एक गुप्त सूचना के आधार पर शहर की एक फैक्ट्री पर छापेमारी कर नकली घी बनाने के काले कारोबार का पर्दाफाश किया है।

पुलिस ने मौके से 2000 किलोग्राम से ज्यादा बनावटी घी जब्त किया है। पिछले 18 महीनों से चल रही इस फैक्ट्री ने असली और नकली के अंतर को पूरी तरह मिटा दिया था।1 किलो असली, 15 किलो नकली: यह था ‘सीक्रेट फॉर्मूला’जांच में जो सबसे डरावना तथ्य सामने आया, वह घी बनाने का तरीका था।

आरोपी 1 किलो असली घी को आधार बनाकर उसमें 15 किलो नकली घी तैयार करते थे। इसे बनाने के लिए निम्नलिखित सामग्रियों का इस्तेमाल किया जा रहा था:वनस्पति घी (डालडा)पाम ऑयल (सस्ता खाद्य तेल)घातक केमिकल्स (महक के लिए)सिंथेटिक रंग (पीलापन लाने के लिए)इन रसायनों के मिश्रण से तैयार घी गंध और दिखने में इतना असली लगता था कि साधारण ग्राहक के लिए इसकी पहचान करना नामुमकिन था।

भरोसा जीतने के लिए FSSAI लाइसेंस का फर्जी इस्तेमालधोखाधड़ी को पुख्ता करने के लिए आरोपियों ने चालाकी की सारी हदें पार कर दी थीं। घी की पैकिंग पर फर्जी तरीके से FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) का लाइसेंस नंबर प्रिंट किया गया था। इससे ग्राहकों और दुकानदारों को लगता था कि माल सरकारी मानकों पर खरा उतरा है।छापेमारी का ब्योरा और बरामदगीपुलिस द्वारा की गई इस रेड में कुल 35 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है:₹14 लाख मूल्य का तैयार नकली घी।₹21 लाख का कच्चा माल (तेल, डब्बे, और केमिकल्स)।पुलिस ने मौके से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है,

जिनसे पूछताछ जारी है ताकि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।कहाँ खपाया जाता था यह माल?जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों का मुख्य टारगेट वे जगहें थीं जहाँ लोग सस्ते के चक्कर में पड़ते हैं या जहाँ निगरानी कम होती है:झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाके: यहाँ छोटे पैकेटों में सस्ता घी बेचा जाता था।किराना दुकानें: स्थानीय छोटे दुकानदारों को मोटा कमीशन देकर यह घी सप्लाई होता था।

हाइवे के ढाबे: भारी मुनाफे के लालच में ढाबा संचालक इस घी का इस्तेमाल खाना बनाने में करते थे।सावधान रहें: विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा नकली घी हृदय रोगों, लिवर की समस्याओं और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। हमेशा अधिकृत आउटलेट्स से ही घी खरीदें और बहुत कम कीमत पर मिलने वाले ‘ब्रांडेड’ घी से सावधान रहें।

बिंदास बोल संवाददाता

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