सफाई नायक राजेंद्र की दबंगई: सरकारी कर्मचारियों को बनाया ‘निजी सेवक’, CM पोर्टल पर लगा रहे फर्जी सूचना!
कानपुर। पनकी क्षेत्र के रतनपुर स्थित विवेक शुक्ला चिंताहरण महादेव मंदिर के पास सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम के अधिकारियों एवं सफाई नायक की दिखी बड़ी लापरवाही है।
स्थानीय नागरिकों ने सफाई नायक पर न केवल कार्य में लापरवाही बरतने, बल्कि मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर फर्जी रिपोर्ट लगाकर शिकायत बंद करने का गंभीर आरोप लगाया है। *निजी आवासों पर तैनात किए सरकारी कर्मचारी।
मामले के अनुसार, सफाई नायक राजेंद्र पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी सफाई कर्मचारियों को मंदिर और सार्वजनिक क्षेत्रों की सफाई से हटाकर, रसूखदारों के प्रभाव में उनके निजी आवासों पर काम करने के लिए लगा दिया है। जब स्थानीय नागरिकों ने सार्वजनिक स्थानों की गंदगी पर आपत्ति जताई, तो सफाई नायक द्वारा संतोषजनक जवाब देने के बजाय मामले को टाल दिया गया। *मुख्यमंत्री पोर्टल पर फर्जी रिपोर्ट का खेल
शिकायतकर्ता विवेक शुक्ला ने बताया कि क्षेत्र में गंदगी की समस्या को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि सफाई नायक राजेंद्र ने बिना किसी स्थलीय निरीक्षण और बिना सफाई कार्य पूर्ण किए, पोर्टल पर यह लिखकर रिपोर्ट लगा दी कि “शिकायतकर्ता सफाई कार्य से संतुष्ट है।” घोर लापरवाही का आलम यह है कि इस संतुष्टि पत्र पर शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर तक नहीं हैं, सफाई नायक ने स्वयं ही मनगढ़ंत रिपोर्ट तैयार कर शासन को गुमराह किया है।
साक्ष्यों के साथ उच्चाधिकारियों से शिकायत* क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सफाई नायक को बार-बार फोन करने के बावजूद सफाई नहीं कराई जाती। मजबूरन लोगों ने अब इस मामले के ऑडियो रिकॉर्डिंग और फोटो साक्ष्य उच्चाधिकारियों को भेजने का निर्णय लिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकारी तंत्र की इस प्रकार की कार्यशैली से मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार मुक्त और स्वच्छ प्रदेश की छवि को धक्का लग रहा है।
यदि जल्द ही इस पर कड़ा संज्ञान नहीं लिया गया, तो मामले को उच्च स्तरीय जांच के लिए भेजा जाएगा।

