आरटीओ कार्यालय बना लापरवाही का अड्डा

कानपुर नगर :आंधी-तूफान को बीते तीन दिन गुजर चुके हैं, लेकिन आरटीओ कार्यालय की व्यवस्था अब भी ‘तूफान के बाद की तबाही’ से बाहर नहीं निकल पाई है। कार्यालय के मुख्य द्वार पर गिरा विशालकाय वृक्ष आज गुरुवार तक भी जस का तस पड़ा हुआ है, जिससे पूरे परिसर का बड़ा हिस्सा अवरुद्ध हो गया है।हैरानी की बात यह है कि इतने महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय में अब तक न तो वृक्ष हटाने की कोई ठोस कार्रवाई की गई और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके की सुध ली। गिरा हुआ पेड़ न केवल आवागमन में बाधा बना हुआ है, बल्कि कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सीधा असर डाल रहा है।बताया जा रहा है कि यह वृक्ष काफी पुराना था, जिसकी अनदेखी पहले से ही खतरे को दावत दे रही थी। तेज आंधी के चलते पेड़ गिरा और उसके साथ ही मुख्य द्वार के पास की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बावजूद विभाग की सुस्ती साफ तौर पर जिम्मेदारी से बचने की तस्वीर पेश कर रही है।सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?या फिर जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई में ही व्यस्त हैं?अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब जागेगा और इस अव्यवस्था से आरटीओ कार्यालय को कब राहत मिलेगी।
*बिंदास बोल कानपुर से राजू गौड़ की रिपोर्ट*


