अगस्त क्रांति की पूर्व संध्या पर व्याख्यान शाला, आज़ादी के आंदोलन में ‘करो या मरो’ का महत्व याद

कानपुर। कानपुर नगर ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में केशव नगर स्थित मदर टेरेसा हाई स्कूल में अगस्त क्रांति की पूर्व संध्या पर एक व्याख्यान शाला आयोजित हुई।
स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास पर केंद्रित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. प्रभात बाजपेई ने आधुनिक भारत के निर्माण और स्वतंत्रता संग्राम में कांग्रेस की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 8 अगस्त 1942 को कांग्रेस के मुंबई अधिवेशन में महात्मा गांधी ने ‘करो या मरो’ का नारा दिया था, जिसने देशवासियों में अद्वितीय बलिदान की भावना जागृत कर दी।
जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन ने आज़ादी की लड़ाई को नई दिशा दी और अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी। अंग्रेजों द्वारा नेताओं को जेल में डालने के बाद भी जनता ने आंदोलन जारी रखा।
कार्यक्रम में कृपेश त्रिपाठी, आलोक तिवारी, ईखलाक अहमद डेविड, देवी प्रसाद निषाद, कुलदीप आनंद बाबा, सतीश दीक्षित, शक्ति पांडेय, राजू शर्मा, सूफियान, एजाज राशिद, भानु प्रताप सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे। संचालन और संयोजन इमैन्युअल सिंह ने किया।

बिंदास बोल न्यूज़ के लिए कानपुर से — राजू भदोरिया की रिपोर्ट


