स्वर्गीय डॉ. नागेन्द्र स्वरूप की जयंती एवं सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मान समारोह सम्पन्न

बिंदास बोल के लिए संवाददाता अखिल शुक्ला की रिपोर्ट
कानपुर। डी.ए-वी. कॉलेज में स्वर्गीय डॉ. नागेन्द्र स्वरूप जी (पूर्व सचिव एवं प्रख्यात शिक्षाविद) की जयंती बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ चन्द्रशेखर आज़ाद सभागार में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारम्भ सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।
प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार दीक्षित ने अपने उद्बोधन में कहा कि डॉ. नागेन्द्र स्वरूप जी ने शिक्षा को समाज परिवर्तन का साधन मानते हुए सदैव विद्यार्थियों और शिक्षकों को प्रेरित किया तथा महाविद्यालय को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में अमूल्य योगदान दिया।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महाविद्यालय के संयुक्त सचिव इंजी. गौरवेन्द्र स्वरूप ने कहा कि डॉ. नागेन्द्र स्वरूप जी का जीवन अनुशासन, शिक्षा और नैतिक मूल्यों की मिसाल रहा है। उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।
इस अवसर पर वर्ष 2024-25 में सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई तथा नवनियुक्त शिक्षकों का स्वागत किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षक संस्थान की धरोहर हैं और नये शिक्षकों के आगमन से कॉलेज का भविष्य और उज्ज्वल होगा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं गणमान्य अतिथियों ने डॉ. नागेन्द्र स्वरूप जी की स्मृतियों को नमन किया। कार्यक्रम का समापन प्रो. सुनीत अवस्थी (समन्वयक, डॉ. नागेन्द्र स्वरूप सांस्कृतिक समिति) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन एवं संकल्प के साथ हुआ कि डी.ए-वी. कॉलेज परिवार उनके आदर्शों और मूल्यों को सदैव आत्मसात करता रहेगा।
कार्यक्रम में योगदान:- डॉ. दिवाकर पटेल, डॉ. चन्द्रसौरभ, डॉ. आशीष वर्मा, प्रो. विनोद कुमार पाण्डेय, डॉ. ज्ञान गुप्ता, डॉ. राजन दीक्षित, प्रो. रजत कुमार, प्रो. पुष्पेन्द्र त्रिपाठी, प्रो. अनिल पाण्डा, अ. सुरेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ. आदेश गुप्ता आदि।
आयोजन:- डॉ. नागेन्द्र स्वरूप सांस्कृतिक समिति, डी.ए-वी. कॉलेज, कानपुर।
सफल संयोजन:- डॉ. सवितुर प्रकाश गंगवार।
