साहब चार साल तक ‘दरोगा’ बने रहे और किसी बड़े अफसर को भनक तक नहीं लगी!!
हेड कांस्टेबल दयाशंकर वर्मा ने साबित कर दिया कि अगर आपके अंदर आत्मविश्वास हो, तो वर्दी की सिलाई और कंधे के सितारे आप खुद भी मैनेज कर सकते हैंसाहब चार साल तक ‘दरोगा’ बने रहे और किसी बड़े अफसर को भनक तक नहीं लगी
सिर्फ वर्दी नहीं पहनी, बल्कि 150 केस भी निपटा दिए। जिन फाइलों को छूने की उनकी औकात… मेरा मतलब, उनका अधिकार नहीं था, उन पर उन्होंने ऐसे हाथ साफ किया जैसे कोई मँझा हुआ कलाकार स्टेज पर परफॉरमेंस दे रहा हो, 150 विवेचनाएं! साहब ने कितनों को जेल भेजा होगा और कितनों की जेब ढीली की होगी, इसका हिसाब तो अब ‘चित्रगुप्त’ ही रखेंगे

