बुजुर्ग पर जानलेवा हमले के आरोपी पुलिस पकड़ से दूर
प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा सवाल: FIR के एक महीने बाद भी बुजुर्ग पर जानलेवा हमले के आरोपी पुलिस पकड़ से दूर
कानपुर में प्रधान ओमनारायण और उसके साथियों पर गंभीर आरोप, पीड़ित परिवार दहशत में; घर पर इलाज कराने को मजबूर बुजुर्ग रामकिशोर कश्यप
कानपुर : महाराजपुर थाना क्षेत्र के कुड़वां गांव में बुजुर्ग रामकिशोर कश्यप पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि सत्ता के प्रभाव में दबंगई दिखाने वाले प्रधान ओमनारायण उर्फ मालिक और उसके साथियों के खिलाफ 20 जून 2026 को एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
“एफआईआर दर्ज हुए एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर है।”
घर पर इलाज कराने को मजबूर घायल बुजुर्ग
हमले में गंभीर रूप से घायल रामकिशोर कश्यप की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। आर्थिक स्थिति और बढ़ते इलाज खर्च के चलते परिवार अब उनका इलाज घर पर ही कराने को मजबूर है। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार दवाइयां, मरहम-पट्टी और देखभाल की जा रही है।
परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने बुजुर्ग के साथ बेहद क्रूरता की। मारपीट में उनकी रीढ़, कुल्हे और पैर की हड्डियां टूट गईं, जिसके कारण वह लंबे समय से बिस्तर पर पड़े हैं और दैनिक कार्यों के लिए भी दूसरों पर निर्भर हैं।
हमले का आरोप
पीड़ित पक्ष के अनुसार, दबंगों ने घर में घुसकर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया और बुजुर्ग को मरणासन्न हालत में छोड़ दिया। आरोप है कि उन्हें मृत समझकर पास के सूखे तालाब में फेंक दिया गया।
क्या रसूख के आगे झुक गई महाराजपुर पुलिस?
मामले में कुड़वां गांव के प्रधान ओमनारायण उर्फ मालिक, उसके भाई लल्लू और शंकर सहित कई लोगों को नामजद किया गया है।
नामजद आरोपियों में किसन (पुत्र स्वर्गीय उदय पाल), जितेंद्र (पुत्र स्वर्गीय साधु), रिंकू (पुत्र स्वर्गीय टिर्रा), रामू (पुत्र स्वर्गीय टिर्रा) सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
“गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी यदि आरोपी खुलेआम घूमते रहें तो कानून व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।”
दबंगों के डर में जी रहा पीड़ित परिवार
पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से उनमें भय का माहौल है। परिवार को आशंका है कि आरोपी दोबारा दबाव बनाने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर सकते हैं।
परिजनों का सवाल है कि आखिर इतने गंभीर मामले में पुलिस अब तक आरोपियों तक क्यों नहीं पहुंच पाई? क्या किसी प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव के कारण कार्रवाई धीमी चल रही है?
उच्च अधिकारियों से न्याय की उम्मीद
मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप कर नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
परिवार की मांग है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और अपराधियों में कानून का भय बना रहे।
पीड़ित परिवार की मांग
“हमें सिर्फ न्याय चाहिए। आरोपियों की गिरफ्तारी हो और हमें सुरक्षा दी जाए, ताकि हम बिना डर के जीवन जी सकें।”
संवाददाता – अमितांश कश्यप

