पुलिस-प्रशासन की मिली भगत से बगैर लाइसेंस खुले दर्जनों पटाखा बाजार

उच्चाधिकारियों के आदेशों की उड़ी धज्जियां, फायर और पुलिस विभाग पर वसूली के आरोप
गोण्डा। दीपावली पर जहां प्रशासन ने सुरक्षा और नियमों के सख्त पालन के निर्देश जारी किए थे, वहीं वजीरगंज क्षेत्र में इन आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ती नजर आईं। सोमवार को कस्बे और आसपास के इलाकों में बगैर लाइसेंस दर्जनों पटाखों की दुकानों पर खुलेआम बम और पटाखों की बिक्री होती रही।स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन अवैध दुकानों पर पुलिस और फायर विभाग की मूक सहमति से जमकर कारोबार चलता रहा। बताया जा रहा है कि कथित तौर पर संबंधित विभागों के कुछ कर्मियों ने दुकानदारों से “सुविधाशुल्क” वसूला।अतीत में वजीरगंज और नवाबगंज क्षेत्रों में अवैध पटाखा निर्माण और बिक्री के चलते कई भयावह दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बाद जिला प्रशासन ने तय किया था कि केवल लाइसेंसधारी विक्रेता ही पटाखों की बिक्री करेंगे। इसी क्रम में प्रशासन ने वजीरगंज थाने के सामने स्थित कन्या विद्यालय के पास खाली मैदान में लाइसेंसशुदा दुकानों के लिए अस्थायी बाजार भी निर्धारित किया था।लेकिन इसके बावजूद वजीरगंज कस्बा, चंदापुर, हनुमंत नगर चौराहा, दुर्जनपुर, तुर्काडीहा, टिकरी, बालेश्वरगंज, डुमरियाडीह और महाराजगंज जैसे इलाकों में हर गली-कूचे में बिना लाइसेंस के पटाखों की दुकानें सजी रहीं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में साफ दिख रहा है कि किस तरह सड़क किनारे खुलेआम पटाखे बिक रहे हैं और पुलिसकर्मी व फायर विभाग के लोग वहां मौजूद हैं।गनीमत रही कि कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई, पर इस पूरे प्रकरण ने साफ कर दिया कि वजीरगंज पुलिस और प्रशासन पर उच्चाधिकारियों के निर्देशों का कोई असर नहीं है। त्योहार के बहाने खुलेआम हुई यह लापरवाही जिले में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

