विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में ग्रामीण पर्यटन की अहम भूमिका : पर्यटन मंत्री

ईको टूरिज्म, फॉर्म स्टे और होमस्टे को बढ़ावा देने पर फोकस
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि आज़ादी के शताब्दी वर्ष 2047 तक विकसित भारत और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने में ग्रामीण पर्यटन अहम भूमिका निभाएगा।यूपी में 07 जिलों के 35 गांवों को “टूरिस्ट विलेज” के रूप में विकसित किया जा रहा है।234 गांवों का चयन रूरल टूरिज्म के लिए किया गया है।ईको टूरिज्म, फॉर्म स्टे और होमस्टे को उच्चस्तरीय सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है।प्रदेश घरेलू पर्यटन में पहले स्थान पर और विदेशी पर्यटकों के लिए भी बड़ा गंतव्य बनने की ओर।पर्यटन मंत्री ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ग्रामीण पर्यटन कान्क्लेव-2025 में कहा कि बदलती जीवनशैली में लोग अब प्रकृति और गांवों की ओर लौट रहे हैं। ग्रामीण पर्यटन रोजगार और अर्थव्यवस्था को गति देगा।उन्होंने बताया कि कानून व्यवस्था और कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया गया है। रेल, वायु और जल परिवहन से पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी।प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम ने कहा कि “गांव ही देश की आत्मा हैं” और इन्हें पर्यटन से जोड़ने से स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को नई पहचान मिलेगी।कान्क्लेव में 40 फॉर्म स्टे संचालकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर पद्मश्री रामशरण वर्मा, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र सिंह समेत कई विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।

